ऊस दाम पर फैसला होने तक सातारा में 'काटा बंद' की चेतावनी, राजू शेट्टी ने दी धमकी
स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता राजू शेट्टी ने कहा कि अजिंक्यतारा कारखाना शुरू करने की कोशिश हुई तो जिले का कोई कारखाना चलने नहीं देंगे।
स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने सोमवार को सातारा में चेतावनी दी कि गन्ने के दाम का मसला सुलझने तक शुगर कारखाने पेराई सीजन शुरू न करें। उन्होंने कहा कि अजिंक्यतारा कारखाना शुरू करने की कोशिश हुई तो 'काटा बंद' आंदोलन छेड़ा जाएगा और जिले का एक भी कारखाना शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
शेट्टी ने अजिंक्यतारा कारखाने का दौरा किया और वहां प्रशासन के साथ चर्चा की। इसी दौरे के बाद उन्होंने यह सीधी चेतावनी दी।
अपनी मांगों में शेट्टी ने कहा कि इथेनॉल की खरीद का दाम 70 रुपये प्रति लीटर किया जाए और चीनी की एमएसपी बढ़ाई जाए। उनका कहना था कि पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन इथेनॉल के दाम नहीं बढ़ाए जाते। दूसरी तरफ चीनी की एमएसपी कई साल से जस की तस है। शेट्टी ने आरोप लगाया कि इस नीति की वजह से किसानों और कारखानेदारों, दोनों का आर्थिक नुकसान हो रहा है।
शेट्टी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कारखानेदारों पर जल्दी कारखाने शुरू करने का दबाव डाल रही है। उनका दावा है कि आने वाले त्योहारों में चीनी के दाम न बढ़ें और बाजार में नई चीनी पहुंचे, इसलिए केंद्र को यह जल्दी है। शेट्टी ने कहा, 'किसान और कारखानेदार नुकसान सहें और केंद्र बाजार के लिए चीनी का इंतजाम कर ले, यह मंजूर नहीं है।'
उन्होंने बताया कि जल्दी गन्ने की कटाई करने पर रिकवरी और वजन घट सकता है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ नुकसान होने की आशंका है। इसलिए उनकी मांग है कि रिकवरी और वजन बढ़ने के बाद ही पेराई शुरू की जाए। उन्होंने किसानों से अपील भी की कि कम क्वालिटी का गन्ना जल्दबाजी में कारखाने को न दें।
आगे की बात करते हुए शेट्टी ने साफ किया कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्र के संबंधित मंत्रियों के साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसान नेताओं की बैठक होनी है। उनके मुताबिक केंद्र का रुख देखकर ही आगे के आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
इस बीच अजिंक्यतारा कारखाने के कार्यकारी संचालक शिवाजी मोहिते ने बताया कि कारखाना फिलहाल बंद है। उन्होंने कहा कि संचालक मंडल की बैठक के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।