राजू शेट्टी ने कराड में बाळासाहेब पाटील से की मुलाकात, गन्ना पेराई सीज़न पर रखीं मांगें
स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता राजू शेट्टी ने कराड में बाळासाहेब पाटील से मुलाकात कर गन्ना किसानों और चीनी कारखानों से जुड़ी मांगों का निवेदन सौंपा।
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने कराड में पूर्व सहकार व विपणन मंत्री बाळासाहेब पाटील से मुलाकात की। बाळासाहेब पाटील सह्याद्री सहकारी चीनी कारखाने के अध्यक्ष भी हैं। यह मुलाकात कराड में उनके संपर्क कार्यालय में हुई।
राज्य सरकार ने इस साल का गन्ना पेराई सीज़न 15 अक्टूबर से शुरू करने का आदेश दिया है। इसी पृष्ठभूमि में राजू शेट्टी ने पूरे राज्य के चीनी कारखानेदारों से मिलने का दौरा शुरू किया है। उन्होंने बाळासाहेब पाटील से विनती की कि चीनी उद्योग को फिर से मज़बूत करने और गन्ना उत्पादकों को न्याय दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से नीतिगत फैसलों का पीछा करने में इस आंदोलन में साथ दें।
मुलाकात के दौरान राजू शेट्टी ने अपनी मांगों का निवेदन बाळासाहेब पाटील को सौंपा। निवेदन के मुताबिक, अगर पेराई सीज़न 15 अक्टूबर से शुरू होता है तो गन्ने की रिकवरी घट जाएगी और इससे किसान और कारखाने, दोनों का बड़ा नुकसान होगा। इसलिए मांग की गई है कि केंद्र और राज्य सरकार गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति टन 500 रुपये अनुदान दें।
निवेदन में यह भी मांग है कि चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रति किलो 50 रुपये किया जाए और सी-हेवी इथेनॉल का बिक्री दाम प्रति लीटर 70 रुपये तय किया जाए। इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन पर रोक लगने से कारखानों के प्रोजेक्ट पर कर्ज की किस्त और ब्याज का बोझ बढ़ेगा। इसलिए पूरे साल के लिए ब्याज में छूट और किस्तों की मियाद बढ़ाने वाली योजना घोषित करने की मांग की गई है।
बाळासाहेब पाटील ने पुष्पगुच्छ देकर राजू शेट्टी का स्वागत किया। इस मौके पर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के सातारा जिलाध्यक्ष देवानंद पाटील, उपाध्यक्ष दादासाहेब यादव, कराड उत्तर तहसील अध्यक्ष प्रमोद जगदाळे, कराड दक्षिण तहसील अध्यक्ष बापूसाहेब साळुंखे और रामचंद्र साळुंखे समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।
इस बीच, बाळासाहेब पाटील पहले भी कह चुके हैं कि सरकार का कारखाने 15 अक्टूबर को शुरू करने का फैसला गलत है। उनका कहना है कि चीनी 15 नवंबर से 15 मार्च के बीच ही परिपक्व होती है।