बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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23:12 IST

दिल्ली की बैठक बेनतीजा, राजू शेट्टी का ऐलान: महाराष्ट्र-कर्नाटक के हाईवे पर चक्का जाम

गन्ना किसानों की मांगों पर केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीन घंटे चली बात बेनतीजा रही। किसान संगठन 13 अक्टूबर को कोगनोली से इंदापुर तक राष्ट्रीय महामार्ग रोकेंगे।

दिल्ली की बैठक बेनतीजा, राजू शेट्टी का ऐलान: महाराष्ट्र-कर्नाटक के हाईवे पर चक्का जाम तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गन्ना उत्पादक किसानों की मांगों पर तोड़ निकालने के लिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक बेनतीजा रही। सरकार की तरफ से एक महीने के अंदर समिति बनाकर मसला सुलझाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन किसान नेता राजू शेट्टी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई।

इसके बाद किसान संगठनों ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख राष्ट्रीय महामार्ग रोककर चक्का जाम आंदोलन करने की चेतावनी दी है। कराड, सातारा, इंदापुर और कोगनोली टोल नाके समेत कई जगहों पर किसान सड़क पर उतरेंगे, इसलिए पश्चिम महाराष्ट्र और उत्तर कर्नाटक में ट्रैफिक पर असर पड़ने की आशंका है।

यह बैठक नई दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र, पूसा में हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान मौजूद थे। बैठक में केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि गन्ना किसानों के लिए रास्त और लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी (FRP) हर साल बढ़ाया गया है।

शेट्टी ने कहा कि सिर्फ एफआरपी बढ़ा देने से किसानों के सवाल हल नहीं होंगे। उनके मुताबिक खाद, कीटनाशक, दवाइयां, मजदूरी, गन्ने की कटाई और ढुलाई के खर्च में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने साफ किया कि इस बढ़े हुए खर्च को देखते हुए किसानों को मिलने वाले दाम पर दोबारा विचार करना जरूरी है।

तीन घंटे की बातचीत के बाद एक महीने में समिति बनाकर हल निकालने का भरोसा दिया गया। लेकिन शेट्टी का आरोप है कि किसानों के सवालों पर फौरन फैसला लेने के बजाय फिर से वक्त काटा जा रहा है, और इसी वजह से वे बैठक से बाहर निकल गए।

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) 50 रुपये प्रति किलो किया जाए। दूसरी, सी-हेवी मोलासेस से बनने वाले एथेनॉल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर किया जाए। तीसरी, जल्द शुरू होने वाले पेराई सीजन के लिए 500 रुपये प्रति टन की सब्सिडी दी जाए।

शेट्टी ने बैठक में यह भी कहा कि पिछले आठ साल से चीनी का न्यूनतम मूल्य नहीं बढ़ाया गया है, जिसका असर चीनी मिलों के आर्थिक कामकाज पर पड़ रहा है। उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि एफआरपी की गणना का आधार बदल दिया गया है, इसलिए किसानों को असल में उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिल रहा।

बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। कोल्हापुर-बेलगाम सीमा पर कोगनोली टोल नाका, कराड, सातारा और इंदापुर में हजारों किसान जमा होकर पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय महामार्ग रोकेंगे। इसके अलावा परभणी और नांदेड़ जिलों में भी हाईवे पर आंदोलन होगा।

कर्नाटक राज्य रैयत संघ और ग्रीन ब्रिगेड की तरफ से हुबली, गदग और हत्तरकी इलाके के प्रमुख रास्ते रोकने का फैसला लिया गया है। बताया गया है कि आंदोलन मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगा। साथ ही मिलों से निकलने वाली चीनी को भी रोकने की चेतावनी दी गई है।

इसलिए कोल्हापुर, सांगली, सातारा, पुणे और उत्तर कर्नाटक में सफर करने वाले लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। राजू शेट्टी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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