पूर्व महाधिवक्ता से 12.20 करोड़ की ठगी
निवेश के नाम पर बनाया शिकार, वर्धा के बिल्डर चांडक परिवार पर मामला दर्ज
नागपुर.
पूर्व महाधिवक्ता से निवेश के नाम पर 12.20 करोड़ की ठगी की गई है. आरोपी रिश्तेदार होने से पूर्व महाधिवक्ता ठगी का शिकार बन गए. पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं करने पर पूर्व महाधिवक्ता ने अदालत के माध्यम से सीताबर्डी थाने में मामला दर्ज कराया है. आरोपी गोपाल हरीकिसन चांडक (42), मोहन हरीकिसन चांडक (38), शारदादेवी हरीकिसन चांडक (58), रामदेवबाबा बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा. लि. की शिल्पा गोपाल चांडक तथा सुजाता मोहन चांडक (35) आर्वी, वर्धा है.
64 वर्षीय शिकायतकर्ता पड़ोसी राज्य के पूर्व महाधिवक्ता है. सूत्रों के अनुसार आरोपी उनके रिश्तेदार है. आरोपियों की रामदेव बाबा बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा. लि. फर्म है. आरोपियों ने पूर्व महाधिवक्ता को निवेश करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने 28 माह में निवेश राशि का दोगुना लौटाने का झांसा दिया. मई 2009 से पूर्व महाधिवक्ता आरोपियों के बताए अनुसार निवेश करने लगे. बताया जाता है कि आरोपियों ने वादे के अनुसार पूर्व महाधिवक्ता को आरंभ में निवेश राशि पर मुनाफा भी दिया. इससे पूर्व महाधिवक्ता को आरोपियों पर भरोसा हो गया. वह आरोपियों द्वारा बताए अनुसार बड़ी राशि का निवेश करने लगे. इस राशि का मुनाफा मांगने पर आरोपियों ने पूर्व महाधिवक्ता को मुनाफे की राशि का भी पून: निवेश करने को कहा.
पूर्व महाधिवक्ता ने कथित मुनाफे का भी निवेश कर दिया. आरोपियों ने पूर्व महाधिवक्ता और अन्य तीन लोगों की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसकी लोगों को बिक्री भी कर दी. पूर्व महाधिवक्ता द्वारा मुनाफे की राशि मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे. पूर्व महाधिवक्ता को संदेह हुआ. उन्हें पड़ताल करने पर आरोपियों द्वारा कई लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने का पता चला. उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई. उसके कोई कार्रवाई नहीं करने पर अदालत से शिकायत की. अदालत के निर्देश पर सीताबर्डी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
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