पुणे में वोटर कार्ड अपडेट के नाम पर 80 साल के बुजुर्ग से 5 लाख रुपये की ठगी
खुद को भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर से बताने वाले फोन करने वाले ने APK फाइल और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए येरवडा के बुजुर्ग का खाता खाली कर दिया। लक्ष्मीनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे में साइबर ठगों ने वोटर कार्ड अपडेट करने का बहाना बनाकर एक 80 साल के बुजुर्ग से पूरे 5 लाख रुपये की ठगी की है। फोन करने वाले ने खुद को भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर से बोलता हुआ बताया और इसी भरोसे के सहारे बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांजाशेरी वैद्यनाथन व्यंकटेशन (80) टाटा मोटर्स से रिटायर हुए हैं और येरवडा इलाके में रहते हैं। 7 अक्टूबर को उनके पास एक अनजान आदमी का फोन आया। उसने कहा कि वह भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर से बोल रहा है और वोटर कार्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी करनी है।
सरकारी दफ्तर से फोन आने का भरोसा दिलाकर आरोपी ने व्यंकटेशन का विश्वास जीत लिया। इसके बाद उनसे मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड करवाई गई। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपी ने आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उन्हें अपने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने के लिए मजबूर किया।
आरोप है कि स्क्रीन शेयरिंग के जरिए आरोपी ने बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने बैंक के पासवर्ड हाथ में आने के बाद बुजुर्ग के खाते से 5 लाख रुपये निकाल लिए।
जब बुजुर्ग को पता चला कि उनके खाते की रकम किसी और ने निकाल ली है, तब इस मामले की शिकायत की गई। सामने आया है कि आरोपी ने तीन तरीके अपनाए: सरकारी अफसर होने का दिखावा किया, मोबाइल पर संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाई और स्क्रीन शेयरिंग का इस्तेमाल किया।
इस घटना के बाद पुणे के लक्ष्मीनगर पुलिस स्टेशन में संबंधित आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 308, 318(4) और 319(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66(D) और 66(C) के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी की पहचान और ठगी के पूरे तरीके को लेकर आगे की जांच चल रही है।
वोटर कार्ड, आधार कार्ड या दूसरे सरकारी कागजात अपडेट करने के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी अनजान आदमी की भेजी APK फाइल मोबाइल में डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। किसी अनजान शख्स के साथ स्क्रीन शेयर न करें और बैंक के पासवर्ड, OTP या दूसरी गोपनीय जानकारी किसी को न बताएं।
फोन करने वाला खुद को सरकारी अफसर बताए, तब भी उसकी पहचान किसी आधिकारिक जरिए से जांच लेना जरूरी है। साइबर ठगी हो जाए तो फौरन बैंक से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। cybercrime.gov.in नाम के आधिकारिक पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है।
वोटर कार्ड अपडेट के बहाने 80 साल के बुजुर्ग से 5 लाख रुपये की ठगी का यह मामला बताता है कि अनजान फोन कॉल और संदिग्ध लिंक या फाइलों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है।