मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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23:51 IST

PET-CT स्कैन अब फुले जनआरोग्य और आयुष्मान भारत योजना में, कैंसर मरीजों का खर्च घटेगा

महाराष्ट्र सरकार ने PET-CT स्कैन को महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना में शामिल करने का फैसला किया है।

PET-CT स्कैन अब फुले जनआरोग्य और आयुष्मान भारत योजना में, कैंसर मरीजों का खर्च घटेगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कैंसर की सही पहचान, बीमारी की स्टेज तय करने और इलाज का असर जांचने के लिए PET-CT स्कैन अहम माना जाता है। यह जांच महंगी होती है। अब महाराष्ट्र सरकार ने इसे महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत देने का फैसला किया है। चुनिंदा 13 तरह के कैंसर के लिए PET-CT को अलग या नियमित प्राथमिक जांच के तौर पर भी शामिल किया गया है। इस फैसले से कैंसर मरीजों को जांच के लिए अपनी जेब से खर्च करने का बोझ कम होगा।

सार्वजनिक आरोग्य विभाग ने इसका सरकारी आदेश (शासनादेश) जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक कैंसर के 63 इलाजों के पैकेज में PET-CT जांच को "अतिरिक्त निदान प्रक्रिया" (Add-on Diagnostic Procedure) के तौर पर जोड़ा गया है। साथ ही 13 तरह के कैंसर इलाज के लिए इस जांच को "स्वतंत्र निदान प्रक्रिया" के तौर पर मंजूरी दी गई है। इससे पहले यह सुविधा 44 इलाज पैकेज में थी, यानी अब ऐसे अतिरिक्त पैकेज की संख्या बढ़ाई गई है।

बताया गया है कि महंगी जांच की वजह से मरीज अक्सर PET-CT को आगे टाल देते थे या करवाते ही नहीं थे। नतीजा यह होता था कि बीमारी का स्वरूप समझने और सही वक्त पर इलाज की प्लानिंग करने में देर हो जाती थी। इसी दिक्कत को देखते हुए आम लोगों और योजना से जुड़े अस्पतालों की तरफ से इस जांच को योजना में शामिल करने की मांग उठ रही थी। इस मांग पर सार्वजनिक आरोग्य और परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर की सूचना के मुताबिक एक अलग अध्ययन समिति बनाई गई थी। समिति की सिफारिशों पर गौर करके सरकार ने यह फैसला लिया।

आरोग्य मंत्री ने कहा कि इससे कैंसर का इलाज ज्यादा आसान होगा और सही वक्त पर हो सकेगा। उनके मुताबिक मरीजों पर महंगी जांच का आर्थिक बोझ भी घटेगा।

PET-CT जांच के दर तय किए गए हैं। पूरे शरीर (Whole Body) की जांच के लिए 20,400 रुपये, दिमाग (Brain) के लिए 14,650 रुपये, गैलियम-68 (Gallium 68) के लिए 15,000 रुपये और दिल (Cardiac) के लिए 9,400 रुपये रखे गए हैं। अस्पतालों को शासनादेश में बताई गई शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।

शर्तों के तहत संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर को जांच की मेडिकल जरूरत प्रमाणित करना जरूरी है। योजना से जुड़े अस्पताल में जरूरी तकनीकी सुविधाएं, उपकरण, योग्य स्टाफ और अपना खुद का PET-CT सेंटर (In-house PET-CT Centre) होना चाहिए। जांच से पहले पहले से मंजूरी लेना और जरूरी मेडिकल कागजात जमा करना भी अनिवार्य रहेगा। फैसले को असरदार तरीके से लागू करने के लिए राज्य आरोग्य गारंटी सोसायटी को राष्ट्रीय आरोग्य प्राधिकरण के TMS 2.0 सिस्टम में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरोग्य मंत्री ने भरोसा जताया कि दोनों योजनाओं के जरिए जरूरतमंदों को PET-CT की सुविधा मिलने से कैंसर मरीजों की सही स्टेज पर पहचान हो सकेगी और इलाज की योजना भी वक्त पर बन सकेगी। उन्होंने कहा कि इस जांच को विस्तारित महात्मा फुले और जन आरोग्य योजना में शामिल करना राज्य सरकार की कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कदम साबित होगा।

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