शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पेंट से शैम्पू तक रोज़ की चीज़ों में चीन के सस्ते केमिकल, दुनिया भर में बढ़ती पकड़

पेंट से शैम्पू तक रोज़ की चीज़ों में चीन के सस्ते केमिकल, दुनिया भर में बढ़ती पकड़ तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

चीन से निर्यात होने वाले सस्ते केमिकल दुनिया भर में रोज़ इस्तेमाल होने वाली अनगिनत चीज़ों में लग रहे हैं। मध्य पूर्व के युद्ध के बीच चीन को इसका फायदा भी मिला है।

कभी भुखमरी और गरीबी देख चुका चीन अपनी मेहनत के दम पर आज दुनिया का एक अहम देश बन गया है। लगभग हर क्षेत्र में तेज़ तरक्की करके वह महाशक्ति बनने की राह पर बढ़ रहा है। ग्लोबल बाज़ार में उसका दबदबा अब सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और तैयार सामान तक सीमित नहीं रहा। केमिकल बनाने के क्षेत्र में भी चीन ने बड़ी छलांग लगाई है।

खास बात यह है कि चीन से बाहर भेजे जाने वाले सस्ते केमिकल दुनिया भर में रोज़ की ज़िंदगी में काम आने वाली अनगिनत चीज़ों के निर्माण में लग रहे हैं। घर की दीवारों पर लगने वाला पेंट, सोफे का फोम, प्लास्टिक की कचरे वाली थैलियां और नहाने का शैम्पू, ऐसे कई प्रोडक्ट में चीनी केमिकल का अप्रत्यक्ष हाथ है।

चीन के केमिकल उद्योग की ताकत उसकी बड़ी उत्पादन क्षमता और अपेक्षाकृत कम लागत में है। कच्चा माल बड़ी मात्रा में मिलता है, औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मज़बूत है और उत्पादन के दाम मुकाबले में टिकते हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में चीनी केमिकल की मांग बनी हुई है। BASF की इंडस्ट्री रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के केमिकल उत्पादन में चीन का हिस्सा लगभग आधा है।

2026 में मध्य पूर्व में चल रही जंग का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा है। कई छोटे-बड़े उद्योग चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से एशिया के कई केमिकल उत्पादकों को कच्चे माल की सप्लाई में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

इसके उलट, चीन के पास कोयले पर आधारित केमिकल उत्पादन की बड़ी क्षमता है और कच्चे तेल का स्टॉक भी है, इसलिए उसे तुलनात्मक रूप से फायदा हुआ है। मार्च 2026 में चीन के कुछ केमिकल प्रोडक्ट के निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत समेत कई एशियाई देशों के लिए चीन एक अहम सप्लायर बनता जा रहा है।

चीन के सस्ते केमिकल से कई उद्योगों की उत्पादन लागत घटती है। लेकिन किसी एक देश पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने से खतरे भी खड़े हो सकते हैं, जैसे सप्लाई का टूट जाना, कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव और व्यापार से जुड़ी पाबंदियां। इसीलिए अलग-अलग देश अपनी घरेलू केमिकल उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे हैं। घर की रोज़मर्रा की चीज़ों से लेकर बड़े औद्योगिक उत्पादन तक चीन का बढ़ता असर ग्लोबल अर्थव्यवस्था में आ रहे बदलाव को साफ दिखाता है।

#नागपुर#कारोबार#PT24#Business#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे