परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए बनेगी अलग अथॉरिटी, कैबिनेट ने दी मंजूरी, 10 साल का मास्टर प्लान आएगा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंटिग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी बनाने को हरी झंडी दे दी है। यह संस्था देश की परिवहन योजना को एक जगह से चलाएगी।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में यातायात और लॉजिस्टिक्स की प्लानिंग को एक धागे में पिरोने के लिए 'इंटिग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी' यानी आईटीएलए बनाने को मंजूरी दे दी है। यह एक विशेष प्रयोजन वाहन (स्पेशल पर्पज व्हीकल) होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
इस फैसले के पीछे वजह यह बताई गई है कि अभी अलग-अलग मंत्रालय और संस्थाएं यातायात परियोजनाओं की प्लानिंग और अमल अपने-अपने स्तर पर करती हैं। इससे कामकाज में बिखराव आता है। नई अथॉरिटी का मकसद इसी बिखराव को दूर करना है।
आईटीएलए को देश में एकीकृत यातायात और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग की सबसे ऊपर की संस्था के तौर पर काम करना है। रिसर्च, परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन, नीतिगत मार्गदर्शन, परियोजनाओं की निगरानी, डेटा का विश्लेषण और नतीजों का मूल्यांकन, ये इसकी मुख्य जिम्मेदारियां होंगी।
अथॉरिटी कम से कम 10 साल का राष्ट्रीय यातायात मास्टर प्लान तैयार करेगी। बताया गया है कि इसमें सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, समुद्री यातायात, नागरिक विमान यातायात, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय यातायात, शहरी यातायात और लॉजिस्टिक्स, सब शामिल रहेंगे।
जो केंद्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत की होंगी, उनका तकनीकी मूल्यांकन आईटीएलए करेगी। परियोजना पर अमल के दौरान निगरानी भी यही संस्था रखेगी, और काम पूरा होने के बाद उसके असर का मूल्यांकन भी किया जाएगा।
एक और अहम कदम राष्ट्रीय यातायात डेटा भंडार (नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी) का है। इसमें ई-वे बिल, फास्टैग, गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, जीपीएस और शहरी यातायात व्यवस्था की जानकारी एक जगह जमा की जाएगी। इस डेटा के आधार पर माल की ढुलाई का प्रवाह और यातायात का विश्लेषण किया जा सकेगा।
इसके अलावा आईटीएलए राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति की समीक्षा में भी मदद करेगी। ट्रेनिंग, कौशल विकास, रिसर्च और नए प्रयोगों को बढ़ावा देना भी इसके काम का हिस्सा रहेगा।
सरकार के मुताबिक इस फैसले से यातायात व्यवस्था ज्यादा कारगर बनेगी और लॉजिस्टिक्स का खर्च घटाने में मदद मिलेगी।