सितंबर में ट्रक भाड़ा स्थिर रहा, कमर्शियल गाड़ियों और दुपहिया की बिक्री में उछाल
त्योहारी सीज़न के सितंबर में ट्रक भाड़े के दर स्थिर रहे और ज़्यादातर श्रेणियों में गाड़ियों की रिटेल बिक्री बढ़ी।
सितंबर के त्योहारी सीज़न में देश का ट्रांसपोर्ट सेक्टर मज़बूत रहा। ज़्यादातर श्रेणियों में गाड़ियों की रिटेल बिक्री बढ़ी है। इन आंकड़ों से लगता है कि अर्थव्यवस्था की रफ़्तार अच्छी है। माल की आवाजाही लगातार चलती रही, इसलिए मुख्य रूटों पर ट्रक भाड़े के दर स्थिर रहे और जिन रूटों पर नज़र रखी गई, उन सब पर पिछले साल के स्तर से ऊपर रहे।
पिछले महीने के मुक़ाबले देखें तो 'बेंगलुरु-मुंबई-बेंगलुरु' रूट 1.3% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। उसके बाद 'दिल्ली-मुंबई-दिल्ली' (1.1%) और 'दिल्ली-हैदराबाद-दिल्ली' (1%) का नंबर आया। 'दिल्ली-बेंगलुरु-दिल्ली' और 'बेंगलुरु-कोलकाता-बेंगलुरु' रूटों पर भाड़ा थोड़ा सा बढ़ा, जबकि बाक़ी रूटों पर भाड़ा स्थिर रहा।
पिछले साल के मुक़ाबले सभी मुख्य रूटों पर भाड़ा ज़्यादा रहा। 'दिल्ली-कोलकाता-दिल्ली' रूट पर 13% की बढ़त दर्ज हुई। इसके बाद 'बेंगलुरु-मुंबई-बेंगलुरु' (11%) और 'कोलकाता-गुवाहाटी-कोलकाता' (10%) रहे। बाक़ी रूटों पर भाड़ा 4% से 9% तक बढ़ा।
गाड़ियों की बिक्री की बात करें तो सितंबर में पिछले महीने से बढ़ोतरी दिखी और इसमें कोर सेक्टर से जुड़े सेगमेंट आगे रहे। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की बिक्री 31% बढ़ी। अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट में 17% और माल ढोने वाली गाड़ियों में 13% की बढ़त रही। मोटरसाइकिल/स्कूटर और कारों की बिक्री में हर एक में 4% की बढ़त हुई। वहीं खेती के ट्रैक्टर की बिक्री 15% और कमर्शियल ट्रैक्टर की बिक्री 22% गिरी।
पिछले साल की तुलना में लगभग हर श्रेणी में बिक्री बढ़ी। मैक्सी कैब 75% की बढ़त के साथ सबसे ऊपर रहीं, उसके बाद तिपहिया माल वाहनों में 63% की बढ़त हुई। माल ढोने वाली गाड़ियों की बिक्री 40% बढ़ी, जो हेवी-ड्यूटी ट्रकों की ज़ोरदार मांग का संकेत है। मोटरसाइकिल/स्कूटर की बिक्री 33%, कारों की 31%, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की 25% और अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट की 19% बढ़ी। खेती के ट्रेलर अकेला ऐसा सेगमेंट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 27% की गिरावट दर्ज हुई।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में तेज़ी बनी रही। जिन श्रेणियों पर नज़र रखी गई, उन सब में महीने के और सालाना, दोनों आधार पर अच्छी बढ़त दिखी। ई-दुपहिया की बिक्री पिछले महीने से 13% बढ़ी, ई-तिपहिया की 8% और इलेक्ट्रिक कार की 12%। सालाना आधार पर इलेक्ट्रिक कार की बिक्री 143% बढ़ी, ई-तिपहिया की 113% और ई-दुपहिया की 111%। इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा तेज़ी से फैल रहा है।
इन रुझानों पर श्रीराम फाइनेंस के कमर्शियल व्हीकल्स डिवीज़न के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर (COO) सुदर्शन होल्ला ने कहा, "त्योहारी सीज़न में माल ढुलाई की वजह से ट्रक भाड़े के दर स्थिर रहना, दुपहिया की ज़ोरदार मांग, ईवी (EV) अपनाने का बढ़ता चलन और हेवी-ड्यूटी ट्रकों व कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की अच्छी बिक्री, ये सब आर्थिक गतिविधियों की मज़बूती दिखाते हैं। अहम बात यह है कि कमर्शियल गाड़ियों और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की बिक्री में यह मज़बूती इन्फ्रास्ट्रक्चर और कोर सेक्टरों में लगातार चल रही रफ़्तार को दिखाती है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक नज़रिया और पक्का होता है। हालांकि, त्योहारी सीज़न में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बाज़ार के उत्साह पर कुछ असर डाल सकती है।"
ईंधन की खपत को लेकर सितंबर में मिला-जुला रुझान दिखा। पेट्रोल की खपत पिछले महीने से 5% घटी, जबकि डीज़ल की खपत 2% बढ़ी। सालाना आधार पर पेट्रोल की खपत 7.2% और डीज़ल की 4.9% बढ़ी। सितंबर में फास्टैग (FASTag) कलेक्शन में थोड़ी गिरावट आई। पिछले महीने के मुक़ाबले लेन-देन की संख्या 3.9% और कलेक्शन की रकम 1.2% कम हुई। सालाना आधार पर हालांकि कलेक्शन की संख्या में 1% और कलेक्शन की रकम में 11% की बढ़त रही।