प्रताप सरनाईक की अपील: गैर-मराठी रिक्षा, टैक्सी चालक मराठी सीखें, अभियान से जुड़ें
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने गैर-मराठी रिक्षा, टैक्सी और ऐप आधारित गाड़ियों के चालकों से मराठी संवाद भाषा अभियान में शामिल होने को कहा है।
महाराष्ट्र में धंधा करना है तो यहां के लोगों से रोज़ के लेन-देन में मराठी में बात करना आना चाहिए। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसी बात पर ज़ोर देते हुए अपील की है। उन्होंने कहा कि रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित सवारी गाड़ियां चलाने वाले गैर-मराठी चालक खुद आगे आकर मराठी सीखें और 'हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे मराठी संवाद भाषा अभियान' में हिस्सा लें।
'महाराष्ट्र मेरा! मराठी मेरी संवाद भाषा!' अभियान के अगले चरण की तैयारी को लेकर मंत्रालय में सरनाईक के कक्ष में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सरनाईक ने की। परिवहन विभाग के आयुक्त राजेश नार्वेकर, अपर परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड, कोंकण मराठी साहित्य परिषद के प्रदीप ढवण, मराठी भाषा विभाग के सहसचिव डॉ. नामदेव भोसले और मराठी विश्वकोश मंडल के डॉ. शामाकांत देवरे मौजूद थे। राज्य के सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बैठक में जुड़े।
यह अभियान परिवहन विभाग, मराठी भाषा विभाग और कोंकण मराठी साहित्य परिषद मिलकर चला रहे हैं। मकसद यह है कि महाराष्ट्र में रहकर काम करने वाला हर सवारी वाहन चालक यात्रियों से आसानी से और भरोसे के साथ बात कर सके।
पहले चरण में पूरे राज्य में 180 से ज़्यादा जगहों पर ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए गए। करीब 1,800 शिक्षकों की मदद से 1 लाख 65 हज़ार 800 से ज़्यादा गैर-मराठी चालकों को रोज़मर्रा के काम की मराठी सिखाई जा चुकी है।
सरनाईक ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में रिक्शा चालकों की संख्या 4 लाख 40 हज़ार 238 है, जबकि टैक्सी चालक 43 हज़ार 106 हैं। अपील की गई है कि ये सभी चालक मराठी की ट्रेनिंग का फायदा लें और उसे पूरा करें।
सरनाईक के मुताबिक अब ट्रेनिंग सेंटरों के साथ-साथ ऑनलाइन भी काम की मराठी सीखने की सुविधा दी जाएगी। इस बीच, व्यावहारिक मराठी से जुड़े संशोधित नियमों को लागू करने पर 18 अगस्त 2027 तक रोक लगाई गई है। मंत्री ने साफ किया कि इस रोक का मतलब यह नहीं कि नियम रद्द हो गए हैं। इसलिए चालक इस वक्त का इस्तेमाल मराठी सीखने में करें और आगे नियम लागू होने से पहले खुद को तैयार कर लें।
'आज ही मराठी सीखिए, कल के नियमों के लिए तैयार हो जाइए!' इसी भावना के साथ सरनाईक ने राज्य के सभी गैर-मराठी रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित वाहन चालकों से अभियान के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में शामिल होने को कहा।
बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि जिन जगहों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से बड़ी संख्या में चालक ट्रेनिंग के लिए मिल रहे हैं, वहां स्थानीय स्कूल या दूसरी उपलब्ध जगहों में ट्रेनिंग का इंतज़ाम किया जाए। इसके लिए प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज़रूरी तालमेल बनाएं।