नवी मुंबई पालिका के कर्मचारियों को दिवाली पर 45 हजार रुपये सानुग्रह अनुदान, महासभा की मंजूरी
नवी मुंबई महानगरपालिका की महासभा ने अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और आशा स्वयंसेविकाओं के लिए दिवाली पर 45 हजार रुपये का एकसमान सानुग्रह अनुदान सर्वानुमति से मंजूर किया।
दिवाली को अब कुछ ही दिन बचे हैं और नवी मुंबई महानगरपालिका ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को खुशखबरी दी है। पालिका की महासभा में सभी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और आशा स्वयंसेविकाओं को इस दिवाली पर हर किसी को 45 हजार रुपये का एकसमान सानुग्रह अनुदान (बोनस) देने के प्रस्ताव को सर्वानुमति से मंजूरी मिल गई। इस फैसले से पालिका के हजारों कर्मचारियों की दिवाली मीठी होगी।
महासभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन के नेता सागर नाईक ने यह प्रस्ताव सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि यूनियन की तरफ से 43 हजार रुपये की मांग की गई थी। लेकिन कर्मचारियों की दिवाली और अच्छे ढंग से मनाई जाए, इस मकसद से मंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन में यह रकम सीधे 45 हजार रुपये कर दी गई।
पिछले साल करीब 34,500 रुपये का सानुग्रह अनुदान दिया गया था, जबकि आशा स्वयंसेविकाओं को 18,500 रुपये मिले थे। इस बार आशा स्वयंसेविकाओं को भी सीधे 45 हजार रुपये के स्तर पर लाया गया है। इसी वजह से हर तरफ से इस फैसले का स्वागत हो रहा है।
इस फैसले का सीधा फायदा पालिका के करीब 5121 कर्मचारियों को मिलेगा। इससे पालिका की तिजोरी पर लगभग 23 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और इसके लिए बजट में पुनर्विनियोजन करना पड़ेगा। साथ ही, नए शामिल किए गए 14 गांवों के कर्मचारियों के समायोजन की कार्रवाई चल रही है, इसलिए उनकी गिनती भी इसमें जुड़ेगी।
पार्षद रवींद्र इथापे ने बोलते हुए कहा कि नवी मुंबई पालिका ने करार, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को भी सबको बराबर यह रकम देकर राज्य में एक नया आदर्श खड़ा किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में यह रकम 23,500 रुपये से शुरू हुई थी और अब सीधे 45 हजार तक पहुंच गई है।
महापौर सुजाता पाटील ने सभी सदस्यों और मंत्री गणेश नाईक का आभार माना और प्रस्ताव सर्वानुमति से मंजूर होने की आधिकारिक घोषणा की। सरकारी हो या गैर-सरकारी, इस फैसले से नवी मुंबई महानगरपालिका के कर्मचारियों की दिवाली सचमुच खुशी और उत्साह से मनाई जाएगी।