नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ: 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण, अमृत स्नान की तारीखें भी तय
नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारी अब तेजी पकड़ चुकी है। 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ इस सिंहस्थ की शुरुआत होगी। नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में पारंपरिक तरीके से यह ध्वजारोहण किया जाएगा।
ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पालकमंत्री और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन की अध्यक्षता में एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में साधू-संत, महंत, अलग-अलग आखाड़ों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई, पार्किंग, इमरजेंसी व्यवस्था और अलग-अलग सरकारी सिस्टम के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
नाशिक में यह धार्मिक कार्यक्रम रामकुंड इलाके में होगा, जबकि त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त कुंड और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जुड़े इलाके में यह आयोजन होगा। मिली जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर दोनों जगह एक साथ ध्वजारोहण करने की योजना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भी इस मौके पर मौजूद रहने की योजना बताई जा रही है, हालांकि अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।
ध्वजारोहण से पहले प्रशासन को सारे काम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। साधू-संतों और आखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार तालमेल रखते हुए धार्मिक परंपराओं के मुताबिक कार्यक्रम कराने पर जोर दिया गया है।
सिंहस्थ का पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027 को होगा। दूसरा अमृत स्नान 31 अगस्त 2027 को होगा। तीसरे अमृत स्नान के लिए नाशिक और त्र्यंबकेश्वर की तारीखें अलग-अलग रखी गई हैं। नाशिक में यह 11 सितंबर 2027 को होगा, वहीं त्र्यंबकेश्वर में 12 सितंबर 2027 को। मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक इस सिंहस्थ का समापन 24 जुलाई 2028 को ध्वजावतरण के साथ होगा।
ध्वजारोहण और उसके बाद होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में लाखों भाविकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, सफाई, हेल्थ सर्विस और इमरजेंसी सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।