कुंभमेले की तैयारी: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में करीब दो महीने दर्शन बंद करने की तैयारी
सिंहस्थ कुंभमेले के कामों के लिए त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भक्तों का प्रवेश करीब दो महीने रोकने पर विचार है। अंतिम तारीख देवस्थान ट्रस्ट के फैसले के बाद तय होगी।
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सिंहस्थ कुंभमेले को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर शहर और मंदिर इलाके में चल रहे विकास कामों को रफ्तार देने के लिए श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर को कुछ समय के लिए भक्तों के लिए बंद रखने की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल की योजना के मुताबिक 15 या 6 अक्टूबर से करीब दो महीने तक भक्तों को मंदिर में जाकर सीधे दर्शन करने की इजाजत न देने पर विचार चल रहा है।
लेकिन मंदिर कब से बंद होगा और कितने दिन बंद रहेगा, यह अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है। देवस्थान ट्रस्ट के फैसले के बाद इस बारे में साफ ऐलान किया जाएगा।
कुंभमेले के सिलसिले में त्र्यंबकेश्वर में इस वक्त बुनियादी सुविधाओं के बड़े पैमाने पर काम चल रहे हैं। दर्शन के लिए अलग रास्ता बनाना, अंदर की सड़कों को कंक्रीट का करना, घाटों के काम, फर्श बदलना, तीर्थ इलाके का विकास और पुराने मंदिरों के संरक्षण के काम हाथ में लिए गए हैं। इसके अलावा गोदावरी नदी का बहाव सुचारु करने के लिहाज से भी कुछ काम प्रस्तावित हैं।
इन कामों के दौरान मंदिर इलाके में भक्तों की भारी भीड़ जमा हो रही है, जिससे ट्रैफिक और निर्माण कामों के इंतजाम में दिक्कतें आ रही हैं। भीड़ वाली जगह पर कोई हादसा या भगदड़ जैसे हालात न बनें और विकास काम तेजी से पूरे हो सकें, इसी वजह से मंदिर को कुछ समय के लिए दर्शन के लिए बंद रखने का विकल्प सामने आया है।
मंदिर भक्तों के लिए बंद रहे तो भी धार्मिक विधियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। श्री त्र्यंबकेश्वर की रोज की पूजा, त्रिकाल पूजा और बाकी पारंपरिक धार्मिक विधियां नियमित तौर पर चलती रहेंगी। यानी मंदिर की धार्मिक परंपरा जैसी है वैसी बनी रहेगी, बस भक्तों के सीधे दर्शन पर कुछ समय के लिए रोक लगेगी।
कुंभमेले के काम तय वक्त में पूरे करने के लिए इस दौरान अतिरिक्त मनुष्यबल और मशीनों का इस्तेमाल करने की योजना है। कुछ काम दिन-रात चालू रखने के बारे में प्रशासन की तरफ से संबंधित एजेंसियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
इसी बीच पितृपक्ष की वजह से त्र्यंबकेश्वर में भक्तों की भीड़ बढ़ गई है। इस भीड़ को देखते हुए 12 अक्टूबर तक वीआईपी दर्शन बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि केंद्र या राज्य सरकार और जिलाधिकारी की तरफ से आने वाले प्रोटोकॉल लेटर पर होने वाले दर्शन को इससे छूट दी गई है।
मंदिर को दो महीने के लिए बंद रखने का आखिरी फैसला देवस्थान ट्रस्ट लेगा, और उसके बाद भक्तों को आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। इसलिए दर्शन के लिए त्र्यंबकेश्वर जाने वाले भक्तों से उम्मीद है कि वे आधिकारिक ऐलान की जानकारी लेकर ही सफर का प्लान बनाएं।