नागपुर पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक शाखा के 16 कर्मचारियों का तबादला पुलिस मुख्यालय में किया, वसूली की शिकायतों
वसूली की कथित शिकायतों, ट्रैफिक जाम और पाबंदी वाले इलाकों में भारी वाहनों की कथित एंट्री की शिकायतों के बीच यह प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
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नागपुर के पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने शहर की ट्रैफिक शाखा से जुड़े 16 कर्मचारियों का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया है। यह आदेश 23 अक्टूबर को जारी हुआ। वसूली की कथित शिकायतों और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हुई इस कार्रवाई की पुलिस महकमे में खूब चर्चा है।
जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उन्हें उनकी मौजूदा पोस्टिंग से हटा दिया गया है और उनसे कहा गया है कि वे पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करें। इनमें MIDC, सदर, सोनेगांव, कॉटन मार्केट, कळमना, पारडी, कामठी, इंदोरा, लकड़गंज और सीताबर्डी की ट्रैफिक यूनिट से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
यह प्रशासनिक कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब शहर में ट्रैफिक जाम, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और पाबंदी वाले इलाकों में भारी वाहनों की कथित एंट्री की शिकायतें आ रही थीं। इन वजहों से शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक संभालने के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े हुए हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में ट्रैफिक शाखा के भीतर वसूली की कथित शिकायतें भी सामने आई थीं। पुलिस महकमे की चर्चाओं के मुताबिक ताज़ा कार्रवाई गोपनीय जानकारी के आधार पर की गई है।
हालांकि, बताया गया है कि तबादलों की आधिकारिक वजह प्रशासनिक बताई गई है। इन 16 कर्मचारियों में से किसी के खिलाफ अलग से कोई गड़बड़ी साबित करने वाली जानकारी सामने नहीं रखी गई है।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से संबंधित कर्मचारियों में चिंता है। अब सबकी नज़र इस पर टिकी है कि प्रशासनिक फेरबदल से पूरे नागपुर में ट्रैफिक मैनेजमेंट और नियमों पर अमल में कोई सुधार आता है या नहीं।
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