भाईंदर में MD ड्रग्स की तस्करी करते पुलिस हवालदार प्रकाश पवार साथी समेत रंगेहाथ गिरफ्तार
भाईंदर पूर्व में हवालदार प्रकाश पवार और अखिलेश कुमार को MD ड्रग्स की तस्करी करते रंगेहाथ पकड़ा गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत पवार ने पुलिस आयुक्त पर सवाल उठाए हैं।
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मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अपनी ही हद में एक पुलिस हवालदार को ड्रग्स तस्करी में रंगेहाथ पकड़े जाने की बात सामने आई है। भाईंदर पूर्व में हवालदार प्रकाश पवार को उसके साथी अखिलेश कुमार के साथ MD ड्रग्स की तस्करी करते हुए रंगेहाथ बेड़ियां पहनाई गई हैं।
आयुक्तालय दूसरे राज्यों में जाकर करोड़ों रुपये का ड्रग्स जब्त करने का खूब प्रचार करता रहा है। उसी के घर में 'दिए तले अंधेरा' वाली हालत एक बार फिर उजागर हुई है। यह मामला नयानगर के प्रमोद केंद्रे की ड्रग्स फैक्ट्री वाले प्रकरण के कुछ ही समय बाद आया है।
इससे पहले नयानगर पुलिस स्टेशन के हवालदार प्रमोद केंद्रे ने लातूर में अपने ही खेत में MD ड्रग्स का कारखाना शुरू करने की बात सामने आई थी। अब हवालदार प्रकाश पवार और अखिलेश कुमार को बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी करते पकड़ा गया है। वर्दी की आड़ में चलने वाले इस काले धंधे के खुलासे से शहर में भारी गुस्सा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत पवार ने इस पर पुलिस आयुक्त को खरी-खरी सुनाई है। उनका कहना है कि खाकी वर्दी वाले रक्षक ही ड्रग्स माफिया के साझेदार बन गए हैं, जिससे पुलिस दल की इज्जत सरेआम उछल गई है। सुशांत पवार के मुताबिक अगर तस्करी रोकी नहीं जा सकती, तो पुलिस आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेकर फौरन चले जाना चाहिए।
सुशांत पवार का कहना है कि पुलिसवालों का इस तरह अपराध में शामिल होना अब अपवाद नहीं रहा, बल्कि एक पूरी कड़ी बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दल में और शहर में खुलेआम चर्चा है कि आयुक्तालय के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ड्रग्स तस्करों से बेहद करीबी और संदिग्ध रिश्ते हैं। उनके मुताबिक ड्रग्स विरोधी कार्रवाई का सिर्फ दिखावा किया जाता है और अंदर से माफिया को शह दी जाती है, ऐसा शक गहराता जा रहा है।
पवार ने सवाल उठाया, "रक्षक ही भक्षक बनकर नौजवान पीढ़ी को नशे की खाई में धकेलेंगे, तो शहर को कौन बचाएगा?"
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से दिन-रात ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले हजारों पुलिसवालों की मेहनत और खाकी की प्रतिष्ठा पर पानी फिर रहा है। सुशांत पवार का कहना है कि सिर्फ मामूली जांच, निलंबन या तबादले करके मामले को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी मांग है कि ड्रग्स के चंगुल में फंसे और तस्करों से हाथ मिलाने वाले कर्मचारियों को सीधे नौकरी से बर्खास्त किया जाए।
पवार ने यह भी कहा कि पुलिस आयुक्त पूरे आयुक्तालय की छानबीन करें और ड्रग्स रैकेट को जड़ से उखाड़ फेंकें। अगर अपने ही महकमे में तस्करी और भ्रष्टाचार रोकने में नाकामी हो रही है, तो नैतिक जिम्मेदारी लेकर फौरन पद छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इस काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को 'एंटी पुलिस' ठहराकर झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रचने के बजाय पुलिस अपने महकमे के गुनहगारों पर सख्त कार्रवाई करके दिखाए।
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