नागपुर: तहसील पुलिस के दो छापे, डेढ़ लाख का तंबाकू और नायलॉन मांजा जब्त, दो गिरफ्तार
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तहसील पुलिस ने प्रतिबंधित तंबाकू और नायलॉन मांजे की बिक्री के खिलाफ दो अलग कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब डेढ़ लाख रुपये का माल जब्त किया है।
नागपुर में पाबंदी वाले तंबाकू और नायलॉन मांजे के धंधे पर तहसील पुलिस ने एक के बाद एक दो कार्रवाइयां की हैं। इनमें दो लोग पुलिस के हत्थे चढ़े हैं और कुल मिलाकर करीब डेढ़ लाख रुपये का गैरकानूनी माल पकड़ा गया है। अब पुलिस इस माल को सप्लाई करने वालों और इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में लगी है।
पहली कार्रवाई तंबाकू को लेकर हुई। तहसील पुलिस की डिटेक्शन ब्रांच यानी डीबी की टीम गश्त पर थी, तभी उसे एक टिप मिली। टिप में कहा गया था कि कसाबपुरा में जमात-ए-उलेमा के दफ्तर के पास इकबाल अंसारी के मकान में किराए से रहने वाला मुज़म्मिल उर्फ कौ अहमद वकील पाबंदी वाले तंबाकू उत्पाद बेच रहा है और उसने घर में काफी बड़ा स्टॉक जमा कर रखा है।
इसी जानकारी पर पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा। मुज़म्मिल को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि यह माल उसने हसनबाग में रहने वाले हर्षद उर्फ गोलू शेख से लिया था।
इसके बाद पुलिस की टीम हर्षद के घर पहुंची और वहां भी छापा मारा। हर्षद उस वक्त घर पर नहीं मिला, मगर तलाशी में उसके घर से करीब 56 हजार रुपये का प्रतिबंधित तंबाकू मिल गया। दोनों जगहों को मिलाकर तंबाकू का कुल माल करीब 1.10 लाख रुपये का बताया जा रहा है।
यह केस अन्न व औषध प्रशासन (FDA) की निरीक्षक शीतल देशपांडे की शिकायत पर तहसील पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। पुलिस अब पता कर रही है कि यह तंबाकू आखिर कहां से आ रहा था, और सप्लाई व बिक्री के इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
नायलॉन मांजे के 26 नग जब्त
दूसरी कार्रवाई अलग से हुई। तहसील पुलिस को खबर मिली कि गांधीबाग गार्डन के पास एक आदमी पाबंदी वाला नायलॉन मांजा बेचने आने वाला है। पुलिस ने वहां पहले से जाल बिछा दिया और वसीम अकरम मोहम्मद अहमद को हिरासत में ले लिया। उसकी उम्र 33 साल है।
तलाशी में उसके पास रखी प्लास्टिक की एक बोरी से प्रतिबंधित नायलॉन मांजे के 26 नग निकले। पुलिस ने मांजा जब्त कर लिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की है। अब पुलिस यह खोज रही है कि वसीम को यह मांजा कहां से मिला और इस खेप के पीछे कौन सा सप्लायर या नेटवर्क काम कर रहा है।
नायलॉन की यह पतंग डोर खतरनाक मानी जाती है, इसीलिए इस पर रोक है। पुलिस की ये दोनों कार्रवाइयां इन चीजों का चलन रोकने की कोशिश का हिस्सा हैं। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और पुलिस का पूरा ध्यान अब इन चीजों के स्रोत तक पहुंचने और धंधे से जुड़े बाकी लोगों को पकड़ने पर है।
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