नागपुर स्टेशन की नई अंडरग्राउंड पार्किंग तैयार, दशहरा से पहले होगी चालू
नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से की अंडरग्राउंड पार्किंग आरएलडीए ने मध्य रेल के नागपुर मंडल को सौंप दी है।
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नागपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की पहली सुविधा दशहरा से पहले लोगों को मिलने लगेगी। स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में बनी अंडरग्राउंड पार्किंग पूरी तरह तैयार है। रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने इसे मध्य रेल के नागपुर मंडल रेल प्रबंधन को सौंप दिया है।
मध्य रेल नागपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन मित्तल ने बताया कि अगले 2-3 दिनों के भीतर पश्चिमी भाग की अंडरग्राउंड पार्किंग शुरू करने की तैयारी है। कारें और दोपहिया वाहन नीचे ही खड़े किए जाएंगे। मंडल प्रबंधन ने इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस पार्किंग में 1600 दोपहिया और 290 चारपहिया वाहन खड़े करने का दावा किया गया है। एंट्री और एग्जिट के रैम्प तैयार हैं और एंट्री प्वाइंट पर वैरियर भी लगाया जा चुका है। वाहन चालकों को तय मार्किंग के भीतर ही गाड़ी खड़ी करनी होगी, इसलिए यहां आकर एयरपोर्ट जैसी फीलिंग आएगी।
पार्किंग से ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचकर स्टेशन परिसर में जाने के लिए लिफ्ट लगाई गई है। सीढ़ियों का विकल्प भी रहेगा। नीले बोर्ड पर सफेद रंग में लिखे साइनेज लोगों को पार्किंग से बाहर निकलने का रास्ता बताएंगे। जल्द ही इन साइनेज को डिजिटल कर दिया जाएगा।
वाहन से स्टेशन परिसर में आने वालों को अब नई व्यवस्था से अंदर आना होगा। नया प्रवेश द्वार टेकडी रोड पर बने सिटी बस स्टाप से ठीक पहले बनाया गया है। कार और दोपहिया चालक यहीं से अंदर जाएंगे। जिन्हें ड्रॉप एंड गो लेन में जाना है, वे अंडरग्राउंड पार्किंग के रैम्प के बायीं ओर से प्रवेश करेंगे। निकासी के लिए फिलहाल एक ही लेन चालू है। बताया जा रहा है कि कुछ निर्माण पूरे होने के बाद दूसरी लेन भी शुरू होगी।
लंबे समय से अटके प्री-पेड ऑटो रिक्शा बूथ को भी जगह मिलने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक नया प्री-पेड ऑटो बूथ ग्राउंड फ्लोर पर ही बनेगा। मंडल प्रबंधन ने इसकी भी तैयारी शुरू कर दी है और इसे भी अगले 2-3 दिनों में शुरू करने की तैयारी है। बूथ पर एक बार में कितने ऑटो रिक्शा खड़े रहें, इस पर अधिकारी अभी विचार कर रहे हैं।
पुनर्विकास के तहत स्टेशन के पश्चिमी भाग को सीधे पूर्वी भाग से जोड़ने के लिए 108 मीटर और 210 मीटर के दो बड़े एफओबी बनाए जाने हैं। साथ ही दो एलिवेटेड कॉनकोर्स भी होंगे। इसके लिए हेरिटेज इमारत के दोनों ओर की इमारतों में से पुराना आरक्षण काउंटर और 100 वर्ष से भी पुरानी आरएमएस बिल्डिंग ढहा दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल और पुराने एसी वेटिंग रूम वाली इमारत को आधा ढहाया गया है। यात्री इन्हीं एफओबी से होकर सीधे अपने प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे।