कॉटन मार्केट की खाली जमीन पर 64 करोड़ का व्यावसायिक परिसर, महा मेट्रो का प्लान पार्किंग की टेंशन दूर करेगा
महा मेट्रो नागपुर के कॉटन मार्केट इलाके की खाली जमीन पर पीपीपी मॉडल से बिजनेस कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल पार्किंग बनाने जा रही है, जिससे व्यापारियों को दशकों पुरानी पार्किंग और जाम की दिक्कत से राहत मिलने की उम्मीद है।
नागपुर के सबसे व्यस्त और पुराने व्यापारिक इलाकों में गिने जाने वाले कॉटन मार्केट के पास एक बड़ी खाली जमीन को लेकर महा मेट्रो प्रशासन ने बड़ी योजना बनाई है। इस जगह पर करीब 34,000 वर्गफुट जमीन खाली पड़ी है, जो सीधे कॉटन मार्केट मेट्रो स्टेशन से सटी हुई है। महा मेट्रो अब इस जमीन पर एक शानदार बिजनेस कॉम्प्लेक्स और अत्याधुनिक पार्किंग परिसर बनाने की तैयारी में है, ताकि इलाके में रोजगार के नए मौके भी पैदा हों।
इसके लिए महा मेट्रो ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है, जिसका मकसद इस इलाके में व्यावसायिक बुनियादी ढांचा खड़ा करना और शहरी परिवहन को आसान बनाना है। इस काम के लिए कागजी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। यह पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित होगा। इससे पीस बाजार जैसे इलाकों में जहां कारोबार पहले से ही खूब चलता है, वहां व्यावसायीकरण को और बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट के तहत उसी 34,000 वर्गफुट जमीन पर एक अत्याधुनिक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के साथ-साथ मल्टीमॉडल पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। यह महत्वाकांक्षी योजना कॉटन मार्केट के व्यापारियों को पुरानी ट्रैफिक समस्या और पार्किंग की किल्लत से बड़ी राहत देने वाली मानी जा रही है। साथ ही इससे इलाके में व्यापारिक गतिविधियों को भी सहूलियत मिलेगी।
महा मेट्रो के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब 64.8 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस काम के लिए निजी क्षेत्र के बड़े डेवलपर्स को न्योता दिया जा रहा है, जो इसे 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' यानी डीबीएफओटी आधार पर तैयार करेंगे। महा मेट्रो ने इस पूरे निर्माण काम को अगले 3 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
कॉटन मार्केट और उसके आसपास के बोक बाजार व खुदरा बाजार में रोजाना हजारों गाड़ियां आती-जाती हैं, जिसकी वजह से यहां अक्सर घंटों जाम लगा रहता है। महा मेट्रो के इस प्रोजेक्ट में मल्टीलेवल पार्किंग परिसर भी बनाया जाएगा, जिसमें ग्राहकों और व्यापारियों की दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के लिए बड़ी पार्किंग स्पेस मिलेगी।
इस बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर में आधुनिक दुकानें, कॉर्पोरेट ऑफिस और शोरूम बनाए जाएंगे। मेट्रो के सुरक्षा नियमों के मुताबिक इस पूरी 34,000 वर्गफुट जमीन का इस्तेमाल सिर्फ व्यावसायिक और पार्किंग के कामों के लिए ही किया जाएगा।