नागपुर पदवीधर में भाजपा हारी, रोहित पवार ने फडणवीस के डिलीट ट्वीट पर पोस्ट की
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कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहळे को 3271 वोट से हराया, इसके बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर पोस्ट की।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने कड़े मुकाबले में भाजपा के सुधाकर कोहले को 3271 वोट से हरा दिया। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का होमग्राउंड भी माना जाता है। इसी शहर में भाजपा की हार के बाद विपक्ष में जोश दिख रहा है।
नतीजे के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा को चिढ़ाने वाली पोस्ट कीं। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी मुख्यमंत्री फडणवीस को लेकर एक पोस्ट की। इस पोस्ट में उन्होंने फडणवीस के डिलीट किए गए ट्वीट का जिक्र किया है।
रोहित पवार ने 28 अक्टूबर को X पर लिखा, "आदरणीय देवेंद्र फडणवीस साहब, नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में आपने खुद निजी तौर पर ध्यान दिया था। वहीं आपने खुद घर-घर जाकर बागियों को मैदान से हटने के लिए मनाया था। उसी नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में, संघ के मुख्यालय वाले इलाके में, भाजपा को हार देखनी पड़ी। इसका मतलब साफ है। आपको ट्वीट डिलीट करना पड़ा, इसका दुख है। लेकिन आपके डिलीट हुए ट्वीट में जो सत्ता का इतना ईगो दिख रहा है, वह ठीक नहीं। खैर, समझ सकता हूं। शायद आप भूल गए होंगे कि चुनाव बैलेट पर हुआ था, इसीलिए ट्वीट पहले ही हो गया होगा। जीते हुए उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को बधाई, वोट के रूप में आशीर्वाद देने वाले ग्रेजुएट मतदाताओं का शुक्रिया, और लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को भी शुभकामनाएं।" यह पोस्ट उन्होंने फडणवीस, महाराष्ट्र कांग्रेस और वंजारी को टैग करते हुए की।
रोहित पवार और कांग्रेस नेताओं की इस टीका-टिप्पणी के बाद अब सबकी नजर इस पर है कि नागपुर पदवीधर की हार पर देवेंद्र फडणवीस क्या कहते हैं।
इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी थी। पार्टी ने कहा था कि पूरा संगठन एक साथ काम कर रहा है। बगावत करने वाले अनिल सोले को मनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस उनके घर गए थे। प्रचार के आखिरी दौर में मुख्यमंत्री फडणवीस, नितिन गडकरी और चंद्रशेखर बावनकुले जैसे बड़े नेता मैदान में उतरे थे। इसके बावजूद भाजपा हार गई, तो राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
अब आंकड़ों पर आएं। कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को पहली और दूसरी पसंद के वोट मिलाकर कुल 67 हजार 231 वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी, भारतीय जनता पार्टी के सुधाकर कोहले को 63 हजार 960 वोट मिले। इस तरह वंजारी 3271 वोट के अंतर से जीते। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को कुल 25 हजार 909 वोट पड़े।
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