नागपुर पदवीधर चुनाव में वंजारी की जीत, कोहळे बोले: भाजपा के करीब 9 हजार वोट रद्द हुए
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नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी 3271 वोट से जीते। भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने हार की वजह पार्टी के करीब 9 हजार रद्द वोट बताई।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे की चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस चुनाव की मतगणना 40 घंटे से भी ज्यादा चली। गिनती की शुरुआत में भाजपा के सुधाकर कोहळे आगे थे, लेकिन आखिरी दौर में वे पिछड़ गए।
कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को पहली और दूसरी पसंद के वोट मिलाकर कुल 67 हजार 231 वोट मिले। भाजपा के कोहळे को 63 हजार 960 वोट मिले। इस तरह वंजारी 3271 वोट से जीत गए। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे नितेश कराळे को 25 हजार 908 वोट पड़े।
इस चुनाव में कई पदवीधरों ने कोहळे को वोट दिया, लेकिन बहुत से वोट अवैध ठहरे। करीब 15 हजार वोट अवैध पाए गए। बताया गया है कि भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के नाम के आगे 2 का अंक लिखने की वजह से 9000 वोट अवैध हो गए। इतने वोट रद्द होना भाजपा के लिए बड़ा झटका रहा।
हार के बाद सुधाकर कोहळे ने पहली प्रतिक्रिया दी। कोहळे ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता इसका विश्लेषण करेंगे। उनके मुताबिक भाजपा के करीब 9 हजार वोट रद्द हो गए और इसी वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कोहळे ने कहा कि भाजपा के मतदाताओं ने उनके पसंद क्रम के आगे 1 नंबर लिखने के बजाय 2 का अंक लिखा। कोहळे ने यह भी कहा कि लोकतंत्र के लिए ऐसा मतदान ठीक नहीं है।
इससे पहले भाजपा ने यह सीट जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। पार्टी के सभी नेताओं के साथ कार्यकर्ता भी प्रचार में जुट गए थे। प्रचार के आखिरी दिनों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे मैदान में उतरे थे। इसके बावजूद भाजपा को हार झेलनी पड़ी, जिसे पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अपनी सीट बरकरार रखी है। कांग्रेस के अभिजीत वंजारी एक बार फिर जीते हैं। इस चुनाव में नितेश कराळे को मिले दूसरी पसंद के वोट निर्णायक साबित हुए। नतीजा घोषित होने के बाद अभिजीत वंजारी जीत का प्रमाणपत्र लेने के लिए परिवार के साथ पहुंचे।
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