नागपुर में प्रमोद भागचंदानी पर वसूली के दो और केस, पुलिस थानों में कुल 10 मामले हुए
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खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और RTI एक्टिविस्ट बताने वाले प्रमोद भागचंदानी पर एक किराना दुकानदार और मंदिर के पुजारी से कथित तौर पर वसूली का आरोप है।
नागपुर में प्रमोद भागचंदानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और RTI एक्टिविस्ट बताता है और उस पर कथित तौर पर लोगों से जबरन वसूली करने का आरोप है। उसके खिलाफ अब दो और मामले दर्ज हुए हैं। इनके बाद शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में उस पर दर्ज मामलों की गिनती 10 हो गई है।
इस बार आरोप है कि उसने एक किराना दुकानदार और एक मंदिर के पुजारी को निशाना बनाया। एक जगह मंदिर पर ताला लगवाने की धमकी दी गई, तो दूसरी जगह दुकान की इमारत बुलडोजर से तुड़वाने का डर दिखाकर पैसे मांगे गए।
पहला मामला पांचपावली पुलिस थाना क्षेत्र का है। शिकायत के मुताबिक 53 साल के किराना दुकानदार पवन मंगलानी की दुकान पर आरोपी आता-जाता था और खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता था। आरोप है कि उसने आशी नगर जोन के सहायक आयुक्त और नगर निगम आयुक्त के पास दुकान की इमारत के अवैध निर्माण की शिकायत भी की थी।
इसके बाद, आरोप के अनुसार, उसने इमारत तुड़वाने की धमकी दी और उसे बचाने के बदले एक लाख रुपये मांगे। पैसे न मिलने पर वह लगातार फोन करके धमकाने लगा। दबाव में आकर दुकानदार 50 हजार रुपये देने को राजी हो गया।
आरोप है कि 4 नवंबर को आरोपी ने 25 हजार रुपये ले लिए और बाकी 25 हजार रुपये दिवाली तक देने की धमकी दी। धमकियों से परेशान दुकानदार ने पुलिस में शिकायत दी। पांचपावली पुलिस ने प्रमोद भागचंदानी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला जरीपटका पुलिस थाना क्षेत्र के इंदौरा चौक के हनुमान मंदिर से जुड़ा है। यहां 26 साल के पुजारी रितेश दुर्गाशंकर पांडे को कथित तौर पर प्रमोद भागचंदानी ने निशाना बनाया।
आरोप है कि आरोपी मंदिर पहुंचा, उसे अवैध जगह पर बना बताया और पुजारी से एक लाख रुपये मांगे। यही नहीं, हर महीने 10 हजार रुपये देने का दबाव भी डाला गया। पैसे न देने पर मंदिर तोड़ने और उस पर ताला लगवाने की धमकी दी गई।
आरोप है कि धमकियों से परेशान होकर पुजारी ने अलग-अलग समय पर आरोपी को 10 हजार रुपये दिए। फिर भी आरोपी की मांग और दबाव कम नहीं हुआ। आखिर में पुजारी ने जरीपटका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गौरतलब है कि तहसील थाने में दर्ज फिरौती के एक अन्य मामले में प्रमोद भागचंदानी फिलहाल पुलिस हिरासत में है। अब दो और मामले सामने आने से पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और RTI एक्टिविस्ट बताकर लोगों पर दबाव बनाने और कथित तौर पर अवैध वसूली करने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
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