मेयो की कैजुअल्टी में जूनियर डॉक्टर से मारपीट का आरोप, तहसील पुलिस ने दर्ज की क्रॉस FIR
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नागपुर के मेयो अस्पताल की कैजुअल्टी में इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद जूनियर डॉक्टर और मरीज के साथ आए पिता-पुत्र, दोनों तरफ से शिकायत हुई है।
नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल, यानी मेयो, की कैजुअल्टी में इलाज को लेकर हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। इस घटना से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर उठ गया है। तहसील पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज की है।
आरोप है कि मरीज के साथ आए पिता और बेटे ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट, धक्कामुक्की और गाली-गलौज की। यह भी आरोप है कि डॉक्टर को कथित तौर पर खींचकर बेड पर गिराया गया और उनकी छाती पर नाखूनों से खरोंचा गया।
शिकायतकर्ता डॉ. समीर विजय चांदेकर मेयो अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग-3 में प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हैं। मिली जानकारी के मुताबिक 4 नवंबर को दोपहर करीब 3.15 बजे रणजीत जाधव अपने बेटे के साथ अस्पताल पहुंचे थे। CMO की प्राथमिक जांच के बाद दोनों को डॉ. चांदेकर के पास भेजा गया।
बताया जाता है कि रणजीत जाधव पुलिस विभाग से जुड़े हैं। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि उनके बेटे की हाथ की उंगली के दो टुकड़े हो गए हैं और खून काफी बह रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उंगली का दूसरा हिस्सा वे साथ लाए हैं। डॉक्टर ने जब वह हिस्सा दिखाने को कहा, तो उन्हें नाखून और मांस का एक टुकड़ा दिखाया गया। परिजनों का कहना है कि इससे पहले मानकापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कर उंगली पर पट्टी बांधी गई थी।
डॉ. चांदेकर के अनुसार, जांच के दौरान उन्हें पट्टी पर खून नजर नहीं आया। इसके बाद वे एक्स-रे की पर्ची बनवाने के लिए नर्सिंग काउंटर की तरफ जा रहे थे। उसी बीच अस्पताल में एक गंभीर मरीज आ गया और वे उसे देखने चले गए।
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर रणजीत जाधव ने डॉक्टर को खींचकर बेड पर गिरा दिया, जबकि उनके बेटे ने धक्कामुक्की की। आरोप के मुताबिक दोनों ने गाली-गलौज की और डॉक्टर की छाती पर नाखूनों से खरोंचकर मारपीट की। यह भी आरोप है कि रणजीत ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए डॉक्टर को देख लेने की धमकी दी।
इस घटना के बाद तहसील पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। फिर मामले में नया मोड़ आया, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाईं। इसी वजह से पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है।
फिलहाल तहसील पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
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