गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी: नागपुर के तीन लोग गिरफ्तार, देशभर के 73 साइबर मामलों से कनेक्शन

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी: नागपुर के तीन लोग गिरफ्तार, देशभर के 73 साइबर मामलों से कनेक्शन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

मुंबई साइबर पुलिस ने 58.72 लाख रुपये की कथित शेयर ट्रेडिंग ठगी में नागपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुंबई साइबर पुलिस ने कथित ऑनलाइन निवेश ठगी के एक नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए नागपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर 58.72 लाख रुपये की शेयर ट्रेडिंग ठगी में शामिल होने का शक है। जांच में देशभर में दर्ज कम से कम 73 साइबर क्राइम मामलों से भी इनके तार जुड़ते दिखे हैं, जिनमें से छह मामले मुंबई के हैं।

गिरफ्तारी मुंबई क्राइम ब्रांच के साउथ साइबर पुलिस स्टेशन ने की। मामला एक शख्स की शिकायत से शुरू हुआ, जिसका आरोप है कि ज्यादा मुनाफे का वादा करके उसे शेयर ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए फुसलाया गया और उसके 58,72,410 रुपये चले गए।

पुलिस के मुताबिक यह ठगी 10 जून से 8 सितंबर के बीच हुई। आरोप है कि मीरा अय्यर नाम की एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को शेयर बाजार में निवेश के लिए राजी किया और भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद उससे कई बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवाया गया। 9 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली जानकारी से पता चला कि ठगी की रकम में से 24.75 लाख रुपये नागपुर के जरीपटका इलाके के एक करंट बैंक खाते में गए थे। यह खाता Grain Garden Delights Private Limited नाम की कंपनी के नाम पर था। पुलिस को शक है कि ठगी का पैसा इधर-उधर करने के लिए इसे शेल कंपनी के तौर पर बनाया गया था।

पैसों का पीछा करते हुए मुंबई साइबर पुलिस की टीम नागपुर पहुंची और 2 नवंबर को तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों के नाम अमित दिलीपराव काले (34), ऋतिक शैलेश धारगावे (25) और अनिरुद्ध सतीश उके (30) हैं। पुलिस ने काले को इस रैकेट का कथित मास्टरमाइंड बताया है।

पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि काले और उके ने मिलकर धारगावे के दस्तावेजों और एक फर्जी किराया समझौते के सहारे Grain Garden Delights Private Limited खड़ी की। फिर कंपनी के नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया। पुलिस का शक है कि साइबर ठगी से आया पैसा इसी खाते में लिया और आगे भेजा जाता था। आरोप यह भी है कि काले ने ऑनलाइन लेनदेन करने और नेटवर्क के बाकी लोगों से तालमेल बिठाने के लिए धारगावे के नाम पर रजिस्टर मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में ऐसा सामान जब्त किया, जिसके बारे में आरोप है कि वह ठगी में काम आता था। इसमें 11 बैंक खातों से जुड़ी चेकबुक और पासबुक, अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के 25 सिम कार्ड, डेबिट और एटीएम कार्ड, 11 शेल कंपनियों की रबर स्टैंप, क्यूआर कोड, स्टैंप पैड, और फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और पैन कार्ड शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक जांच में आरोपियों का संबंध देशभर के 73 साइबर क्राइम मामलों से जुड़ता पाया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, दूसरे संदिग्ध साथियों की भूमिका और कई बैंक खातों के जरिए हुई पैसों की आवाजाही की जांच कर रही है।

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