गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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मेयो में जूनियर डॉक्टर को बेड पर पटककर पीटा

जुर्म PT24 टीम

बेटे की कटी उंगली के उपचार को लेकर भिड़े मरीज के परिजन, दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर

नागपुर.

मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर ही यदि अस्पताल में सुरक्षित नहीं हैं, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में सुरक्षा के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है. नागपुर के मेयो अस्पताल की कैजुअल्टी में इलाज को लेकर ऐसा ही एक विवाद हिंसक हो गया. बेटे की कटी हुई उंगली के उपचार को लेकर मरीज के परिजनों और ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर के बीच विवाद हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि पिता-पुत्र ने डॉक्टर को धक्का देकर बेड पर गिराया और छाती पर नाखूनों से खरोंचकर हमला किया. इस घटना से अस्पताल परिसर में खलबली मच गई।

उंगली के इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद

शिकायतकर्ता डॉ. समीर विजय चांदेकर मेयो अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग-3 में प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हैं. 4 नवंबर को दोपहर 3.15 बजे रणजीत जाधव अपने बेटे वेदांत जाधव को लेकर अस्पताल पहुंचे थे. सीएमओ की प्राथमिक जांच के बाद दोनों को डॉ. चांदेकर के पास भेजा गया. रणजीत जाधव ने बताया कि उनके बेटे की हाथ की उंगली दो हिस्सों में कट गई है और काफी खून बह रहा है. उन्होंने उंगली का दूसरा हिस्सा भी साथ लाने की बात कही. डॉक्टर ने जब उसे दिखाने को कहा तो परिजनों ने नाखून और मांस का टुकड़ा दिखाया. उन्होंने बताया कि मानकापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उंगली पर पट्टी बांधी गई थी.

डॉ. चांदेकर के मुताबिक जांच के दौरान पट्टी पर खून नजर नहीं आया। इसके बाद वे एक्स-रे की पर्ची बनवाने के लिए नर्सिंग काउंटर की ओर जा रहे थे. इसी बीच एक गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचा, जिसे देखने के लिए डॉक्टर को तत्काल जाना पड़ा. आरोप है कि डॉक्टर के वहां से जाने पर रणजीत जाधव भड़क गए. उन्होंने डॉक्टर को पकड़कर खींचा और बेड पर गिरा दिया. वहीं, वेदांत जाधव ने भी धक्कामुक्की की. दोनों ने गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर की छाती पर नाखूनों से खरोंचकर मारपीट की

खुद को पुलिसकर्मी बताकर दी धमकी

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रणजीत जाधव ने खुद को पुलिस विभाग से जुड़ा बताते हुए डॉक्टर को देख लेने की धमकी भी दी. ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. घटना के बाद मामला तहसील पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, मामले में नया मोड़ तब आया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इसके चलते पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज की है. मारपीट की इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मरीजों को समय पर उपचार देने की जिम्मेदारी निभाने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब एक अहम मुद्दा बन गया है.

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