नागपुर में गिनती के दौरान अंदर गले मिले नेता, बाहर भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में हाथापाई
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान केंद्र के अंदर विरोधी दलों के नेता गले मिले, जबकि बाहर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भिड़ गए और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान एक अजीब और उलटा नजारा देखने को मिला। मतगणना केंद्र के अंदर विरोधी पार्टियों के बड़े नेता राजनीतिक दुश्मनी भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते दिखे, जबकि केंद्र के ठीक बाहर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में बुरी तरह भिड़ गए।
मानकापुर स्थित विभागीय क्रीड़ा संकुल में बने मतगणना केंद्र के अंदर माहौल काफी दोस्ताना था। कांग्रेस के विधान परिषद उम्मीदवार अभिजीत वंजारी जैसे ही केंद्र में दाखिल हुए, भाजपा विधायक प्रवीण दैटके ने उन्हें आवाज देकर अपने पास बुला लिया। दोनों नेता पास आए और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे और प्रवीण दटके के भी गले मिलने के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। केंद्र पर मौजूद दोनों दलों के समर्थकों और अधिकारियों के लिए नेताओं की यह गर्मजोशी एक सुखद हैरानी जैसी थी।
लेकिन रात में केंद्र की दीवार के बाहर तस्वीर बिल्कुल अलग थी। मानकापुर खेल परिसर के बाहर मंगलवार रात से बुधवार तड़के तक दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच जबर्दस्त गहमागहमी बनी रही। राउंड दर राउंड वोटों की गिनती आगे बढ़ती गई और कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी निर्णायक बढ़त बनाने लगे, तो दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं की बेचैनी चरम पर पहुंच गई।
जीत की उम्मीद से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। जवाब में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जमा हो गए और उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, जो जल्दी ही तीखी बहस और हाथापाई में बदल गई। माहौल इतना गरमा गया कि पुलिस को बीच में आकर मामला संभालना पड़ा और उग्र भीड़ को पीछे हटाने के लिए बल का इस्तेमाल करना पड़ा।
जोश में आए कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ी पर ही चढ़ गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को तुरंत हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया। बाद में जब चुनाव नतीजे का औपचारिक ऐलान हुआ और अभिजीत वंजारी की जीत पक्की हो गई, तो पुलिस ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। सुरक्षा के लिहाज से केंद्र के बाहर देर रात तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
इस सबके बीच मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में एक बड़ी चूक की बात भी सामने आई। केंद्र पर तैनात पुलिस मुख्यालय के हेड कांस्टेबल राहुल वानखेड़े ने थकान के कारण चेहरे पर पड़ रही तेज हैलोजन लाइट को बंद करने की कोशिश की और गलती से बिजली का मेन पिन निकाल दिया। इससे करीब 20 मिनट तक CCTV कैमरे बंद रहे।
सीसीटीवी बंद होने पर उम्मीदवार ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने मामले की जांच कराई और दोषी हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
नेताओं का एक-दूसरे से गले मिलना और समर्थकों का सड़क पर आपस में भिड़ जाना, नागपुर के इस चुनाव का ऐसा पहलू बन गया है जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी।
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