नागपुर मेडिकल में 11 को डेंगू, सोलापुर के बेगमपुर में आठ साल के बच्चे की मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर, स्टूडेंट्स और नर्सिंग ट्रेनी डेंगू की चपेट में आए हैं। सोलापुर जिले के मोहोल तालुका में एक बच्चे की डेंगू से जान गई।
महाराष्ट्र में इन दिनों डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है, और नागपुर और सोलापुर के हालात खास तौर पर फिक्र बढ़ाने वाले हैं। नागपुर में जिस मेडिकल कॉलेज से लोगों की जान बचाने की उम्मीद रहती है, वहीं के डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट्स और नर्सिंग ट्रेनी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उधर सोलापुर जिले के मोहोल तालुका में डेंगू ने आठ साल के एक बच्चे की जान ले ली।
नागपुर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल, यानी मेडिकल में सितंबर और अक्टूबर, इन दो महीनों में कुल 11 लोगों की डेंगू जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से दो मामले सितंबर के हैं और नौ अक्टूबर के। पॉजिटिव निकलने वालों में इंटर्न डॉक्टर, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट्स और नर्सिंग ट्रेनी शामिल हैं।
शहर की तस्वीर भी अच्छी नहीं है। अकेले नागपुर शहर में अक्टूबर महीने में डेंगू के 128 नए मरीज मिले हैं, और अब तक मरीजों की कुल तादाद 193 तक पहुंच चुकी है।
अब सोलापुर की बात। मोहोल तालुका के बेगमपुर गांव में इलाज के दौरान आठ साल के एक बच्चे की डेंगू से मौत हो गई। वह जिला परिषद के स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। इतने छोटे बच्चे की असमय मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है।
गांव वालों का गंभीर आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी प्रशासन ने गांव में मच्छर मारने के लिए न कोई छिड़काव करवाया और न ही बचाव का कोई दूसरा इंतजाम किया। इस बात को लेकर ग्रामीणों में तीखी नाराज़गी है।
नागरिकों ने गांव में बढ़ती बदबू और गंदगी पर भी गहरी नाराज़गी जताई है। नागपुर और सोलापुर में सामने आए इन मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को फौरन सख्त कदम उठाकर इंतजाम करने की जरूरत बताई जा रही है। इस बीच प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अपने घर के आसपास और इलाके में पानी जमा न होने दें और सफाई का पूरा ध्यान रखें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।