नागपुर: महिला की फॉर्च्यूनर सिर्फ 50 हजार में हथियाने का आरोप, शांति नगर में केस दर्ज
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शांति नगर पुलिस ने महिला की शिकायत पर रियाज खान और उसके करीब 40 साल के भांजे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि करीब 5 लाख की गाड़ी बिना इजाजत किसी और को सौंप दी गई।
नागपुर में एक महिला के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुराने कारोबारी झगड़े को सुलझाने के नाम पर उसकी टोयोटा फॉर्च्यूनर ले ली गई और बदले में बहुत थोड़ी रकम दी गई। गाड़ी महिला के नाम पर दर्ज थी और उसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है।
शिकायत के मुताबिक, 60 साल के रियाज खान पर इल्जाम है कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर यह गाड़ी हासिल की। गाड़ी के बदले उसने सिर्फ 50 हजार रुपये दिए और बाकी रकम हड़प ली। यह भी आरोप है कि महिला से पूछे बिना गाड़ी किसी तीसरे आदमी के हवाले कर दी गई।
मामला शांति नगर पुलिस स्टेशन के इलाके का है। शिकायत में बताया गया है कि करीब चार साल पहले महिला के पति और रियाज खान के बीच स्क्रैप के माल का सौदा हुआ था। लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और वह सौदा रद्द हो गया।
इसके बाद रियाज खान कथित तौर पर उस सौदे में हुआ अपना खर्च महिला के पति से मांग रहा था। आरोप है कि इसी पुराने झगड़े को निपटाने के नाम पर महिला की फॉर्च्यूनर अपने हाथ में ली गई।
शिकायत के अनुसार, महिला ने भरोसा करके अपने नाम की यह गाड़ी रियाज खान को सौंप दी थी। गाड़ी की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई, मगर आरोपी ने बदले में केवल 50 हजार रुपये दिए। आरोप है कि बाकी पैसे चुकाए बिना उसने अपने करीब 40 साल के भांजे के साथ मिलकर गाड़ी पांचपावली के रहने वाले परमानंद मोरयानी के हवाले कर दी। यह सब महिला की अनुमति के बिना किया गया।
मामले में एक और बात सामने आई है। शिकायत के मुताबिक, महिला के नाम पर दर्ज इसी फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल खापरखेड़ा पुलिस स्टेशन के इलाके में दर्ज एक आपराधिक मामले में भी किया गया।
उधर, गाड़ी की किस्तें नहीं भरी गईं और बाकी रकम भी नहीं चुकाई गई। इस वजह से महिला को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
महिला की शिकायत पर शांति नगर पुलिस ने रियाज खान और उसके करीब 40 साल के भांजे के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे लेन-देन की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि गाड़ी तीसरे व्यक्ति को कैसे सौंपी गई और आपराधिक मामले में उसका कथित इस्तेमाल कैसे हुआ।
भरोसे में दी गई गाड़ी कैसे धोखाधड़ी की वजह बन गई, इसकी पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
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