सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 190 | Moderate 16:19 IST

कोलकाता के व्यापारी पर नागपुर के लकड़ी कारोबारी का 3.97 करोड़ का माल लेकर पैसे न देने का आरोप

लकड़गंज पुलिस ने कोलकाता के व्यापारी वरुण आनंद कुमार भीमसमका के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

कोलकाता के व्यापारी पर नागपुर के लकड़ी कारोबारी का 3.97 करोड़ का माल लेकर पैसे न देने का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के एक टिंबर कारोबारी के साथ करीब 3.97 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोलकाता के एक व्यापारी ने नागपुर से करोड़ों रुपये की लकड़ी मंगवाई, माल उसे मिल भी गया, लेकिन उसने पैसे नहीं चुकाए। लकड़गंज पुलिस ने इस शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपी की पहचान कोलकाता के नीमतोला में रहने वाले वरुण आनंद कुमार भीमसमका (50) के रूप में हुई है। शिकायत करने वाले हर्षित अभय संघवी (33) वर्धमान नगर के रहने वाले हैं। वह अपने पिता अभय के साथ वर्धमान नगर में 'जयंतीभाई गुलाबचंद एंड ब्रदर्स' नाम से टिंबर मार्ट चलाते हैं। इस प्रतिष्ठान से देश के अलग-अलग हिस्सों में लकड़ी भेजी जाती है।

बताया जाता है कि आरोपी व्यापारी ने टिंबर मार्ट से संपर्क किया था और बड़े पैमाने पर लकड़ी खरीदने की इच्छा जताई थी। इसके बाद दोनों के बीच कारोबार शुरू हुआ। शिकायत के अनुसार, 27 फरवरी 2024 से 24 मार्च 2025 के बीच आरोपी ने कुल 3.97 करोड़ रुपये की लकड़ी खरीदी। ऑर्डर के हिसाब से सारा माल भेज भी दिया गया।

शिकायत करने वाले का आरोप है कि करोड़ों रुपये का माल लेने के बाद आरोपी भुगतान के नाम पर टालमटोल करने लगा। बकाया रकम वसूलने के लिए शिकायतकर्ता और उनके परिवार की तरफ से कई बार कोशिश की गई। उन्हें उम्मीद थी कि कारोबारी रिश्तों के चलते जल्द ही पैसे मिल जाएंगे, लेकिन लंबे समय तक रकम नहीं आई।

वक्त गुजरने के साथ बकाया रकम को लेकर परेशानी बढ़ती गई। काफी इंतजार और लगातार कोशिशों के बाद भी भुगतान नहीं हुआ, तो हर्षित संघवी ने आखिर में पुलिस के पास जाकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

इस शिकायत के आधार पर लकड़गंज पुलिस ने कोलकाता के रहने वाले व्यापारी वरुण आनंद कुमार भीमसमका के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब दोनों के बीच हुए इस लेन-देन के दस्तावेज, लकड़ी की सप्लाई, भुगतान का ब्योरा और दूसरे जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

करीब 3.97 करोड़ रुपये की बकाया रकम वाले इस मामले में पूरा घटनाक्रम और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य जांच के बाद ही साफ होंगे। फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच चल रही है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे