नागपुर के इतवारी सराफा में दो ब्रोकरों पर 21.61 लाख के सोने के गहनों की ठगी का आरोप
इतवारी सराफा बाजार में एक ज्वेलर ने दो ज्वेलरी ब्रोकरों पर 132 ग्राम सोने के गहने बेचकर रकम न लौटाने का आरोप लगाया है। तहसील पुलिस जांच कर रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के इतवारी सराफा बाजार में सोने के गहनों की ठगी का एक मामला सामने आया है। एक ज्वेलर का आरोप है कि दो ज्वेलरी ब्रोकर ग्राहकों को दिखाने के बहाने उनसे 132 ग्राम सोने के गहने ले गए और बेचने के बाद पैसा अपने पास रख लिया। गहनों की कीमत 21,61,976 रुपये यानी करीब 21.61 लाख रुपये बताई गई है।
आरोप है कि ब्रोकरों ने गहने बेच दिए, लेकिन बिक्री से मिली रकम ज्वेलर को नहीं दी। कई महीने तक बार-बार पैसे मांगने के बावजूद आरोपी रकम नहीं लौटा पाए। आखिर में परेशान होकर कारोबारी ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
यह मामला इतवारी के सराफा बाजार में शहीद चौक का है, जो तहसील पुलिस स्टेशन के इलाके में आता है।
शिकायत करने वाले उत्तम फूलचंद कश्यप 63 साल के हैं और सीए रोड इलाके के दारोडकर चौक में रहते हैं। वे गुलाबचंद साहेबलाल ज्वेलर्स चलाते हैं, जो परिवार की दुकान है और करीब 63 साल से चल रही है।
शिकायत के मुताबिक आरोपियों की पहचान प्रसन्ना प्रफुल्ल सराफ और प्रफुल्ल प्रेमचंद सराफ के रूप में हुई है। दोनों लकड़गंज के निकलस मंदिर परिसर में रहते हैं।
इतवारी के सराफा बाजार में पारंपरिक तौर पर काम ब्रोकरों और छोटे व्यापारियों के नेटवर्क के जरिए चलता है। ये लोग स्थापित ज्वेलरों से गहने लेकर संभावित ग्राहकों को दिखाते हैं। आम तौर पर गहने बिकने के बाद ही पैसा दिया जाता है।
पुलिस को शक है कि दोनों ब्रोकरों ने इसी कारोबारी व्यवस्था और उससे जुड़े भरोसे का फायदा उठाया। बताया गया है कि उन्होंने ग्राहकों को दिखाने की बात कहकर कश्यप से 132 ग्राम शुद्ध सोने के गहने लिए थे।
इस लेन-देन की एंट्री दुकान के मेमो रजिस्टर में दर्ज है, जिस पर बताया गया है कि दोनों ब्रोकरों के दस्तखत भी हैं। माना जा रहा है कि यह एंट्री अहम सबूत होगी, जिससे लेन-देन साबित होगा और यह भी पता चलेगा कि गहने किन हालात में सौंपे गए।
बिक्री की रकम रोकने का आरोप
आरोप है कि गहने बाद में बेच दिए गए, लेकिन रकम कश्यप को देने के बजाय आरोपियों ने उसे अपने निजी इस्तेमाल के लिए रख लिया।
बताया गया है कि ज्वेलर ने कई महीने इंतजार किया और बार-बार पैसे मांगे। फिर भी रकम नहीं मिली, तब जाकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले से उस बाजार में अनौपचारिक कारोबारी इंतजाम के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ी है, जहां लेन-देन अक्सर पुराने कारोबारी रिश्तों और आपसी भरोसे पर टिका होता है।
तहसील पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस घटनाक्रम का क्रम समझने, आरोपों की पुष्टि करने और आरोपियों की भूमिका तय करने में लगी है। गहनों या बिक्री की रकम की बरामदगी को लेकर और जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं थी।
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