नागपुर के दाभा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि केंद्र, कैबिनेट ने दी 879.63 करोड़ की मंजूरी
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राज्य मंत्रिमंडल ने डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ की जमीन पर बनने वाले अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र के लिए संशोधित प्रशासनिक खर्च को हरी झंडी दी। बिडगांव नगर पंचायत भवन के लिए जमीन भी दी गई।
नागपुर में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ की जमीन पर विश्वस्तरीय "अंतरराष्ट्रीय कृषि सुविधा केंद्र" बनाया जाएगा। यह जमीन मौजा दाभा परिसर में है। इस केंद्र के निर्माण के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 879.63 करोड़ के संशोधित प्रशासनिक खर्च को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
पैसों का हिसाब देखें तो परियोजना के पहले चरण के लिए पहले 235 करोड़ का प्रावधान किया गया था। अब उसमें 342.72 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है और पहले चरण के लिए 577.72 करोड़ के संशोधित प्रशासनिक खर्च को मान्यता मिली है। दूसरे चरण के निर्माण के लिए 301.91 करोड़ का फंड मंजूर हुआ है।
बताया गया है कि इस अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के जरिए खेती के क्षेत्र में आधुनिक ज्ञान, रिसर्च, नई तकनीक और कृषि प्रदर्शनियों को बढ़ावा मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की बातचीत, विचारों के आदान-प्रदान और खेती से जुड़े नए आइडिया के लिए यह केंद्र एक अहम मंच बनेगा।
केंद्र का कामकाज ठीक से चले और इसके लिए कमर्शियल ढंग का मॉडल तैयार किया जा सके, इसके लिए राज्य के मुख्य सचिव के स्तर पर एक नियामक समिति बनाई जाएगी। इसके साथ एक अलग प्रबंधन समिति भी बनेगी। इस अंतरराष्ट्रीय केंद्र के निर्माण की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य बुनियादी सुविधा विकास महामंडल (एमएसआईडीसी) को सौंपी गई है।
इसी बैठक में नागपुर जिले से जुड़ा एक और फैसला हुआ। बिडगांव तिरोडी (खुर्द) नगर पंचायत के प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए कामठी तहसील के मौजा बिडगांव की 1.86 हेक्टेयर सरकारी जमीन मुफ्त में ट्रांसफर करने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। यह फैसला भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली बैठक में लिया गया।
जमीन का ब्योरा यह है कि मौजा बिडगांव के सर्वे नंबर 31, 32 और 33 में क्रमशः 0.67, 1.06 और 0.13 हेक्टेयर जमीन है। कुल मिलाकर यह 1.86 हेक्टेयर बनती है। नागरिकों की सुविधा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए यह जमीन नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी को सौंपने की मान्यता दी गई है। इससे नगर पंचायत के प्रशासनिक भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
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