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नागपुर और आसपास के शहरों के लिए 1,300 करोड़ की दो पानी योजनाओं का प्रस्ताव

नागपुर और आसपास के शहरों के लिए 1,300 करोड़ की दो पानी योजनाओं का प्रस्ताव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने NMC, NMRDA और जल संसाधन विभाग को तुरंत विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने को कहा है।

नागपुर और आसपास के शहरों में पानी की बढ़ती किल्लत का लंबे समय का हल निकल सकता है। इसके लिए कुल 1,300 करोड़ रुपये की दो योजनाएं प्रस्तावित हैं। नागपुर, 31 अक्टूबर 2026।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर महानगरपालिका (NMC), नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NMRDA) और जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है कि वे तुरंत विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके राज्य सरकार को भेजें। शनिवार को नियोजन भवन में नागपुर की पानी की स्थिति पर समीक्षा बैठक हुई, उसी में उन्होंने यह निर्देश दिए।

पहला प्रस्ताव कन्हान-कोलार बैराज का है, जिसका अनुमानित खर्च 900 करोड़ रुपये है। दूसरा प्रस्ताव NMRDA की 400 करोड़ रुपये की पानी सप्लाई योजना का है। इसका मकसद पेंच जलाशय से नागपुर को मिलने वाले अतिरिक्त 35 MLD पानी का इस्तेमाल करना है।

बावनकुले ने कहा कि नागपुर और पास के शहरी इलाकों में बढ़ती मांग को देखते हुए टिकाऊ पानी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने NMC और जल संसाधन विभाग के अफसरों से कहा कि कन्हान-कोलार नदी प्रणाली पर बैराज का प्रस्ताव मिलकर बनाएं। उम्मीद है कि इससे नागपुर को पानी का एक और टिकाऊ स्रोत मिलेगा। उन्होंने प्रस्ताव बिना देर किए जमा करने को कहा, ताकि उसे राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जा सके।

अफसरों के मुताबिक पेंच जलाशय से नागपुर के हिस्से में आया करीब 35 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) पानी अभी इस्तेमाल के लिए बचा हुआ है। बावनकुले ने NMRDA से कहा कि ऐसी योजना बनाई जाए जिससे यह पानी आसपास के शहरी इलाकों की जरूरत पूरी करने में काम आए।

बैठक में NMC आयुक्त डॉ. विपिन ने शहर का जल संधारण और जल बचत अभियान 2026 पेश किया। इसके तहत वितरण नेटवर्क में लीकेज ढूंढकर उनकी तुरंत मरम्मत की जाएगी, ताकि पानी की बर्बादी घटे। रेनवॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के उपाय भी सोचे जा रहे हैं।

नागपुर में करीब 860 सार्वजनिक कुएं हैं। NMC की योजना महाराष्ट्र ऊर्जा विकास एजेंसी (MEDA) की मदद से इनमें से 400 कुओं पर सोलर से चलने वाले दोहरे पंपिंग सिस्टम लगाने की है। इस काम का अनुमानित खर्च 16 करोड़ रुपये है और इससे शहर को रोज 20 MLD अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है।

पीने के पानी का गैर जरूरी कामों में इस्तेमाल घटाने के लिए NMC टैंकर के जरिए ट्रीटेड वेस्टवॉटर की सप्लाई कराएगी। शहर के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर हाइड्रेंट पॉइंट लगाए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक बगीचों और सड़क किनारे के पेड़ों को यह पानी पहुंचाया जा सके।

प्रशासन ने 293 वाहन धुलाई सेंटरों का सर्वे किया। इनमें से 75 सेंटर नगर निगम का नल का पानी इस्तेमाल करते मिले और उन्हें नोटिस दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि पीने लायक पानी की जगह दूसरे स्रोत का पानी इस्तेमाल करें। आयुक्त ने बैठक को यह भी बताया कि कार धोने में नगर निगम का पीने का पानी इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

कम बारिश और सूखे जैसे हालात की आशंका पर चिंता जताते हुए बावनकुले ने अफसरों से कहा कि पूरे शहर में पानी का समझदारी से इस्तेमाल पक्का करें। उन्होंने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर सख्ती से अमल की बात कही और प्रशासन को कमर्शियल कामों में पानी की खपत पर पाबंदी लाने को कहा। उनके मुताबिक पानी बचत को प्राथमिकता देना होगा, ताकि शहर के मौजूदा जल स्रोतों पर बेवजह दबाव न पड़े।

बैठक में वित्त और नियोजन राज्यमंत्री आशीष जायसवाल, महापौर नीता ठाकरे, सांसद माया ताई इवनाते, विधायक राजीव पोद्दार, संजय भेंडे, कृष्णा खोपड़े और प्रवीण दटके मौजूद थे। उपमहापौर लीला हाथीबेड, NMC स्थायी समिति सभापति शिवानी दानी-वखरे, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, NMC आयुक्त डॉ. विपिन, NIT अध्यक्ष संजय मीना और NMRDA व जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अफसर भी शामिल थे।

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