शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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पुणे मेट्रो लाइन-3 पर 4 नवंबर की सुबह 6 बजे से दौड़ेगी पहली गाड़ी, माण से शिवाजीनगर तक सफर

पुणे मेट्रो लाइन-3 पर 4 नवंबर की सुबह 6 बजे से दौड़ेगी पहली गाड़ी, माण से शिवाजीनगर तक सफर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की 'पुणेरी मेट्रो' (पिंक लाइन) का उद्घाटन 3 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो लिंक से करेंगे। यात्री सेवा 4 नवंबर से शुरू होगी।

पुणे मेट्रो लाइन-3 यानी माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक का रूट 3 नवंबर 2026 को खुलेगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार खास तौर पर मौजूद रहेंगे। समारोह सुबह 10.30 बजे म्हाळुंगे-बालेवाडी के श्री शिवछत्रपती क्रीड़ा संकुल के बैडमिंटन हॉल में होगा। आम यात्रियों के लिए सेवा 4 नवंबर 2026 की सुबह 6 बजे से शुरू होगी।

यह जानकारी शनिवार (31 अक्टूबर) को आकुर्डी के PMRDA मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। इसमें पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड (PITCMRL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिलकुमार सैनी और PMRDA की मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना) रिनाज पठाण मौजूद थे।

डॉ. चौधरी ने बताया कि लाइन-3 पूरी तरह एलिवेटेड है और इसकी लंबाई 23.203 किलोमीटर है। इसे 'पुणेरी मेट्रो' और 'पिंक लाइन' भी कहा जाता है। रूट माण से शुरू होकर हिंजवडी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से गुजरता है और पुणे के बड़े प्रशासनिक और कारोबारी केंद्र शिवाजीनगर तक जाता है। जमीन अधिग्रहण और अलग-अलग सुविधाओं को शिफ्ट करने के खर्च समेत प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति 2017' के तहत PPP मॉडल पर DBFOT तरीके से बना यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है। PMRDA के साथ हुए रियायत करार के मुताबिक इसे पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड चला रही है। यह खास मकसद वाली कंपनी टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और सीमेंस प्रोजेक्ट वेंचर्स GmbH की साझेदारी से बनी है।

कुल 23 स्टेशनों में से 17 स्टेशन 3 नवंबर से यात्रियों के लिए खुलेंगे। इनमें से सात स्टेशनों पर एक सीढ़ी चालू रहेगी। ये हैं स्टेशन क्रमांक 1 (माण), 2 (माण-एमआईडीसी सर्कल फेज-2), 3 (माण-बस डिपो), 5 (हिंजवडी फेज-2 सर्कल-1), 6 (पद्मभूषण चौक), 21 (कृषि महाविद्यालय) और 23 (जिला व सत्र न्यायालय)। बाकी दस स्टेशनों पर दोनों सीढ़ियां खुली होंगी। ये हैं क्रमांक 4, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 17, 18 और 19, यानी हिंजवडी फेज-2 सर्कल-2, श्री शिवछत्रपती शिवाजी महाराज चौक (हिंजवडी), हिंजवडी फेज-1, वाकड चौक, श्री शिवछत्रपती क्रीड़ा संकुल (म्हाळुंगे), मिटकॉन (बालेवाडी), आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम (बालेवाडी), औंध, सकालनगर और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय। बचे छह स्टेशनों में से 13 और 14 का काम आखिरी चरण में है और वे नवंबर 2026 के अंत तक पूरे होंगे। क्रमांक 15, 16, 20 और 22 के चार स्टेशन और उनकी सीढ़ियां जनवरी 2027 तक चरणों में पूरी करके चालू की जाएंगी।

मेट्रो से उतरने के बाद आगे का सफर आसान रहे, इसके लिए मल्टीमोडल इंटीग्रेशन किया जा रहा है। स्टेशन के बाहर PMPML की बसें, रिक्शा, ओला-उबर जैसी ऐप वाली टैक्सी और ई-बाइक मिल सकें, इसके लिए अलग पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट बन रहे हैं। स्टेशनों के पास दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों की पार्किंग भी दी जा रही है। पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए अलग साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, सड़क पार करने की व्यवस्था और पैदल पुल बन रहे हैं। इससे खासकर हिंजवडी इलाके का ट्रैफिक जाम घटने की उम्मीद है।

पूरे रूट की जांच रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) कर चुका है। माण (PMR-1) से आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम, बालेवाडी (PMR-12) तक के 12.60 किलोमीटर के पहले हिस्से को 23 जुलाई 2026 को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) से आखिरी सुरक्षा मंजूरी मिली। बाकी पांच स्टेशनों वाले हिस्से को यह मंजूरी 23 सितंबर 2026 को मिली। स्टेशनों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल (MSSC) के 350 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। यात्रियों को सफर की प्लानिंग, स्टेशन में रास्ता ढूंढने और टिकट में आसानी हो, इसके लिए आधुनिक पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम और टिकट व्यवस्था बनाई गई है। महामेट्रो की चल रही लाइनों और नई लाइन-3 पर सफर करने वालों के लिए एक संयुक्त ऐप भी तैयार है।

डॉ. चौधरी के मुताबिक प्रोजेक्ट में 7.60 मेगावॉट सौर ऊर्जा की क्षमता लगाई गई है। इसमें से 6.10 मेगावॉट मेट्रो स्टेशनों पर और 1.50 मेगावॉट कार डिपो में बनेगी। इससे प्रोजेक्ट की कुल बिजली जरूरत का करीब 30 प्रतिशत पूरा होगा। लाइन-3 की सभी गाड़ियां करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी। स्टेशन कंट्रोलर, टिकट स्टाफ और स्टेशन अटेंडेंट समेत कुल स्टेशन स्टाफ में करीब 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। डॉ. चौधरी ने कहा कि इससे महिला सशक्तीकरण, लैंगिक समानता और आधुनिक परिवहन में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी के प्रति प्रतिबद्धता झलकती है। उन्होंने अंदाजा जताया कि हिंजवडी आईटी पार्क, औंध, बाणेर, बालेवाडी, म्हाळुंगे, गणेशखिंड रोड और शिवाजीनगर की रोज की भीड़ कम होगी और रोजाना करीब दो से ढाई लाख लोग इस मेट्रो का फायदा लेंगे।

अनिलकुमार सैनी ने बताया कि 4 नवंबर से पहली मेट्रो सुबह 6 बजे चलेगी। माण स्टेशन से जिला न्यायालय की तरफ आखिरी मेट्रो रात 10.30 बजे छूटेगी। जिला न्यायालय स्टेशन से माण की तरफ आखिरी मेट्रो रात 11.40 बजे निकलेगी। भीड़ के वक्त हर छह मिनट में और बाकी समय हर 12 मिनट में मेट्रो मिलेगी। जिला न्यायालय (शिवाजीनगर) स्टेशन पर लाइन-3 को महामेट्रो की लाइन-1 (पिंपरी-चिंचवड से स्वारगेट) और लाइन-2 (वनाज से रामवाड़ी) से जोड़ा गया है। अल्स्टॉम की एसी मेट्रो गाड़ियों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा है। इनमें CBTC सिग्नलिंग और 750 वोल्ट DC थर्ड रेल सिस्टम इस्तेमाल हुआ है। सैनी ने कहा कि पुणे का विकास यहां के आईटी और कारोबारी माहौल से जुड़ा है और इस रफ्तार के लिए बिना रुकावट की कनेक्टिविटी जरूरी है। लाइन-3 माण-हिंजवडी जैसे तेजी से बढ़ते आईटी हब को शहर के बीच के इलाकों से जोड़ने के लिए बनी है, इसलिए रोज का सफर ज्यादा तेज, सुविधाजनक और कारगर होगा।

रिनाज पठाण ने बताया कि निर्माण में ग्राउंड ग्रैन्युलेटेड ब्लास्ट फर्नेस स्लैग (GGBS) इस्तेमाल करने से करीब 28 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन टला है। दो हजार टन स्टील और 60 करोड़ लीटर पानी की भी बचत हुई है। प्रोजेक्ट से प्रभावित पेड़ों के बदले 5,500 नए पेड़ लगाए गए हैं और 750 पेड़ों का सफल पुनर्रोपण हुआ है, जिनके जीवित रहने की दर 80 प्रतिशत है। गणेशखिंड रोड के विद्यापीठ चौक पर एकीकृत दो मंजिला फ्लाईओवर बना है। औंध से शिवाजीनगर की दिशा का पुल 20 अगस्त 2025 को खुला था। शिवाजीनगर-बाणेर और बाणेर-शिवाजीनगर दिशाओं का काम पूरा होने के बाद इन पर 8 मार्च 2026 से ट्रैफिक शुरू है। पाषाण रैंप का काम अभी चल रहा है और उसे दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने की योजना है।

रिनाज पठाण ने यह भी बताया कि पुणे महानगरपालिका (PMC) ने लोगों की सहूलियत और ट्रैफिक जाम घटाने के लिए मेट्रो स्टेशनों के पास पार्किंग बनाई है। बालेवाडी में PMR-11 स्टेशन के पास अमर टेक पार्क परिसर में करीब 30 हजार वर्ग फुट जगह पर पार्किंग मिलेगी। बाणेर में PMR-14 स्टेशन के पास ABZ परिसर में 21 हजार वर्ग फुट पर पार्किंग तैयार की गई है। उनके मुताबिक इससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी और इलाके का ट्रैफिक ज्यादा सुचारू होगा।

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