मुंबई से बेंगलुरु चलेगी महाराष्ट्र की पहली वंदे भारत स्लीपर, 1 नवंबर को उद्घाटन की संभावना
मुंबई और बेंगलुरु के बीच रात का सफर आसान करने के लिए नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस तैयार है। संभावित समय-सारणी, किराया, डिब्बे और सुविधाओं की जानकारी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई और बेंगलुरु के बीच रात का रेल सफर आरामदेह बनाने के लिए नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस तैयार हो गई है। इसे देश की दूसरी और महाराष्ट्र की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कहा जा रहा है। उम्मीद है कि यह 1 नवंबर से पटरी पर दौड़ेगी। अभी इस रूट पर 24 से 25 घंटे लगते हैं, जबकि इस ट्रेन से सफर करीब 16 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
रेलवे ने इस गाड़ी को शुरू करने के लिए 1 नवंबर की तारीख रखी है। उस दिन कर्नाटक राज्योत्सव है और उसी दिन उद्घाटन होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गाड़ी को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह दक्षिण भारत में चलने वाली पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस होगी।
हालांकि अगर 1 नवंबर को उद्घाटन हो भी गया, तो नियमित सेवा किस दिन से शुरू होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एक रेल अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से अक्टूबर में यह सेवा शुरू नहीं की जा सकी। यह स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस 27651/27652 नंबर से मुंबई और बेंगलुरु के बीच चलेगी।
संभावित टाइम टेबल के मुताबिक गाड़ी बेंगलुरु से रात 10:00 बजे निकलेगी और अगले दिन दोपहर 1:50 बजे मुंबई पहुंचेगी। मुंबई से यह रात 10:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:50 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। अंदाजा है कि गाड़ी बेंगलुरु के केएसआर बेंगलुरु स्टेशन से चलेगी और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी सीएसएमटी पर पहुंचेगी। यह टाइम टेबल संभावित है और रेलवे की तरफ से अंतिम समय का आधिकारिक ऐलान बाकी है।
किराए को लेकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि 1,118 किलोमीटर के इस सफर का टिकट 2,600 से 4,250 रुपये के बीच हो सकता है। रेलवे प्रशासन ने अभी आधिकारिक किराया घोषित नहीं किया है, इसलिए असली भाड़ा आखिरी ऐलान के बाद ही साफ होगा।
ट्रेन में कुल 16 डिब्बे होंगे। इनमें 11 एसी थ्री टियर, 4 एसी टू टियर और 1 फर्स्ट क्लास डिब्बा रहेगा। कुल 823 बर्थ मिलने की जानकारी सामने आई है। डिब्बों का डिज़ाइन आधुनिक रखा गया है और उसमें यूरोपियन रेलगाड़ियों से प्रेरित खूबियां शामिल हैं। राजधानी एक्सप्रेस के मुकाबले यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के मकसद से यह गाड़ी बनाई गई है।
रास्ते में इस ट्रेन को 7 स्टेशनों पर रुकने की संभावना है। इनमें अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण शामिल हो सकते हैं। इन स्टॉप से कर्नाटक, महाराष्ट्र और रूट के दूसरे इलाकों के यात्रियों को फायदा हो सकता है। अंतिम स्टॉप और टाइम टेबल का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।
अभी मुंबई और बेंगलुरु के बीच रात के तेज़ सफर के विकल्प कम हैं। इस रूट पर चलने वाली उद्यान एक्सप्रेस को पहुंचने में करीब 24 से 25 घंटे लगते हैं। नई ट्रेन से सफर का वक्त मोटे तौर पर 6 से 8 घंटे घट सकता है।
स्पीड की बात करें तो यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए बनाई गई है। टेस्ट के दौरान गाड़ी ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड छुई, ऐसी जानकारी है। इसलिए इसे सेमी-हाई-स्पीड गाड़ियों की श्रेणी में गिना जाता है। लेकिन भारतीय रेलवे के ज़्यादातर रूट पर अभी इतनी रफ्तार से गाड़ी चलाने लायक ढांचा नहीं है, इसलिए असली स्पीड रूट की हालत पर निर्भर करेगी।
सुविधाओं में गद्देदार बर्थ दी गई हैं और ऊपर की बर्थ पर चढ़ना-उतरना आसान हो, इसके लिए उनकी बनावट बदली गई है। गाड़ी में हवाई जहाज़ जैसे आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट होंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग टॉयलेट की सुविधा भी है। एसी फर्स्ट क्लास के यात्रियों को गर्म पानी के साथ शॉवर मिलेगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए दूसरी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। सेवा शुरू होने पर दोनों शहरों के बीच रात का सफर ज़्यादा तेज़ और आरामदेह होने की उम्मीद है।
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