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20:31 IST

चार्ट बनने के बाद भी मिल सकता है ट्रेन टिकट, करंट बुकिंग में खाली सीटें होती हैं बुक

पहला रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी रेलवे की करंट बुकिंग से खाली बर्थ पर कन्फर्म टिकट मिल सकता है, बशर्ते सीट बची हो।

चार्ट बनने के बाद भी मिल सकता है ट्रेन टिकट, करंट बुकिंग में खाली सीटें होती हैं बुक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कई यात्री मानते हैं कि रिजर्वेशन चार्ट बन जाने के बाद ट्रेन का टिकट हमेशा के लिए बंद हो जाता है। लेकिन भारतीय रेलवे में करंट बुकिंग नाम की सुविधा है, जिससे पहला चार्ट बनने के बाद भी बची हुई खाली सीटें बुक की जा सकती हैं। टिकट मिलेगा या नहीं, यह ट्रेन, रूट, क्लास और बची हुई जगह पर निर्भर करता है।

चार्ट बनने का समय भी बदला है। रेलवे बोर्ड ने जुलाई 2025 में पहला चार्ट तैयार करने का शेड्यूल संशोधित किया। कमर्शियल सर्कुलर नंबर 10 ऑफ 2025 के तहत सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच छूटने वाली ट्रेनों का चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे तक बनाना बेहतर माना गया है। दोपहर 2 बजे से सुबह 5 बजे के बीच छूटने वाली ट्रेनों का चार्ट छूटने से आठ घंटे पहले बनना चाहिए। इससे यात्रियों को पहले से अंदाजा हो जाता है, हालांकि टिकट असल में मिलेगा या नहीं, यह ट्रेन और बुकिंग सिस्टम पर ही टिका है।

करंट बुकिंग सिर्फ कन्फर्म टिकट देती है। आईआरसीटीसी की ट्रेन जानकारी के मुताबिक इस सुविधा से आरएसी या वेटिंग टिकट जारी नहीं होते। यानी जिसे पक्की बर्थ चाहिए, उसके लिए यही रास्ता काम का है। यह आम एडवांस रिजर्वेशन से अलग है, क्योंकि यह ट्रेन छूटने के करीब चलती है। अगर सारी जगह पहले ही आवंटित हो चुकी है, तो आपकी पसंद की क्लास या रूट पर टिकट नहीं भी मिल सकता।

सीट देखने के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या उसकी अधिकृत ऐप खोलें। अपना शुरुआती स्टेशन, मंजिल का स्टेशन और यात्रा की तारीख डालें, फिर ट्रेन और क्लास चुनें। देखें कि आपकी यात्रा के लिए बुकिंग खुली है या नहीं। अगर करंट बुकिंग दिख रही है, तो कन्फर्म टिकट वाला विकल्प चुनें, यात्री की जानकारी भरें, पेमेंट करें और आखिर में बुकिंग कन्फर्मेशन जरूर जांच लें। सिर्फ पेमेंट हो जाना टिकट बनने का सबूत नहीं है।

सीट की उपलब्धता यात्रा के हिस्से के हिसाब से भी बदलती है। दो बीच के स्टेशनों के बीच सफर करने वाले को वह स्थिति नहीं दिखेगी जो पूरे रूट पर जाने वाले को दिखती है, इसलिए अपना सही बोर्डिंग और उतरने का स्टेशन डालकर ही देखें। एक ट्रेन में एक क्लास में सीट हो सकती है और दूसरी में नहीं। जगह न मिले तो दूसरी ट्रेन, दूसरी क्लास या बाद की तारीख देख सकते हैं।

पहले से टिकट हो तो पीएनआर स्टेटस चेक करने से पता चलता है कि वह कन्फर्म हुआ या वेटिंग में है। चार्ट बनने से पहले स्टेटस बदल सकता है, इसलिए ताजा जानकारी देखें। पीएनआर चेक करना और नया टिकट बुक करना दो अलग बातें हैं। गोइबिबो जैसे प्लेटफॉर्म से भी ट्रेन टिकट बुक और चेक किए जा सकते हैं, पर रेलवे के नियम और पक्की जानकारी के लिए रेलवे की इन्क्वायरी या आईआरसीटीसी ही देखें।

तारीख पहले से तय हो तो एडवांस बुकिंग ज्यादा भरोसेमंद है। करंट बुकिंग तब काम आती है जब प्लान अचानक बने और जाने के करीब कन्फर्म टिकट चाहिए।

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