दिवाली से पहले रेल कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, कैबिनेट ने दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को रेलवे के पात्र कर्मचारियों के लिए 78 दिन के वेतन के बराबर उत्पादकता से जुड़े बोनस को मंजूरी दी।
दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेल कर्मचारियों को 78 दिन का उत्पादकता से जुड़ा बोनस (Productivity Linked Bonus - PLB) देने को मंजूरी मिल गई।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की जानकारी दी। सरकार ने साफ किया है कि रेल कर्मचारियों के बेहतरीन कामकाज को देखते हुए यह बोनस मंजूर किया गया है।
कितने कर्मचारियों को फायदा
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देशभर के कुल 11,40,770 पात्र रेल कर्मचारियों को इस फैसले का फायदा मिलेगा। यानी 11 लाख 40 हजार 770 कर्मचारी। बोनस भारतीय रेल के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर दिया जाएगा। इसका मकसद रेलवे के कामकाज में सुधार के लिए कर्मचारियों को हौसला देना और उनके योगदान को पहचानना है।
एक कर्मचारी को कितना मिलेगा
रेल मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक हर पात्र कर्मचारी को 78 दिन के बोनस के तौर पर ज्यादा से ज्यादा 17,951 रुपये मिल सकते हैं। बोनस की गिनती हर महीने 7,000 रुपये की तय वेतन सीमा के आधार पर होती है। इस सीमा पर 78 दिन का हिसाब लगाने से बोनस की अधिकतम रकम 17,951 रुपये बनती है। लेकिन हर कर्मचारी को एक जैसी रकम मिले, ऐसा जरूरी नहीं। असल बोनस कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के हिसाब से तय होगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के मुताबिक रेलवे के अलग-अलग विभागों के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को यह बोनस मिलेगा। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, दफ्तर के कर्मचारी और ग्रुप 'सी' के बाकी पात्र कर्मचारी शामिल हैं। रेल की रोजमर्रा की आवाजाही, मुसाफिरों की सुरक्षा, माल ढुलाई और तकनीकी कामकाज में इन कर्मचारियों का अहम योगदान रहता है।
सरकार पर कितना खर्च
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बोनस के लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। भारतीय रेल के देशव्यापी नेटवर्क में लाखों कर्मचारी काम करते हैं और उनकी उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए हर साल उत्पादकता से जुड़ा बोनस दिया जाता है। त्योहारों के समय मिलने वाली इस रकम से कर्मचारियों को घर के खर्च और खरीदारी में सहारा मिल सकता है।
बोनस कब मिलेगा
रेल कर्मचारियों को उत्पादकता से जुड़ा बोनस देने की परंपरा कई सालों से चली आ रही है। आम तौर पर दुर्गा पूजा और दशहरे से पहले पात्र कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है। इस साल भी त्योहारों को देखते हुए सरकार ने 78 दिन का बोनस मंजूर किया है। हालांकि हर कर्मचारी के खाते में बोनस ठीक किस तारीख को आएगा, इसका अलग से कोई कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर साफ नहीं किया गया है।
2025-26 में रेलवे का प्रदर्शन
केंद्र सरकार ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेल ने यात्री और माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल ढुलाई की। साथ ही करीब 7.41 अरब मुसाफिरों ने भारतीय रेल से सफर किया। सरकार के मुताबिक रेलवे की इस कामयाबी में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा है, इसलिए उनके योगदान को पहचानने के लिए उत्पादकता से जुड़ा बोनस मंजूर किया गया है।
उत्पादकता से जुड़ा बोनस क्या है
उत्पादकता से जुड़ा बोनस संस्था के कामकाज से जुड़े पैमानों के आधार पर पात्र कर्मचारियों को दी जाने वाली अतिरिक्त रकम है। भारतीय रेल में यह योजना कई सालों से लागू है। रेलवे के कामकाज में लगातार सुधार हो, कर्मचारी ज्यादा कुशलता से काम करने को प्रेरित हों और उनके योगदान का सम्मान हो, इसी मकसद से यह बोनस दिया जाता है।