मीरा-भाईंदर में सरनाईक के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन, शिवसेना महिला मोर्चा ने दिखाए आईने
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भाजपा ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से इस्तीफा मांगा। शिवसेना महिला मोर्चा ने आईने दिखाकर विरोध किया, महिला पदाधिकारी पुलिस हिरासत में ली गईं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा ने सोमवार को मिरा-भाईंदर में दो जगह प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 4 बजे नवघर नाका पर और शाम 6 बजे मिरा रोड पर भाजपा की ओर से जनआंदोलन हुआ। भाजपा पदाधिकारियों ने मांग की कि सरनाईक मंत्री पद से इस्तीफा दें।
प्रदर्शन में भाजपा के जिलाध्यक्ष, उप महापौर, पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा ने जमीनों में कथित गड़बड़ी, विकास के नाम पर लोगों से कथित धोखाधड़ी और अलग-अलग विकास कामों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। शिवसेना के पदाधिकारियों पर भी कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए भाजपा ने आरोपों की एक सूची जनता के सामने रखी। भाजपा की भूमिका यह रही कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना नागरिकों की जिम्मेदारी है और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा ने जो मुद्दे उठाए, उनमें चेना गांव में आदिवासियों की जमीन पर कथित कब्जा, कोर्ट के सामने स्कूल के लिए आरक्षित जगह की खरीद-बिक्री में कथित अनियमितता और भाईंदर पाडा में आगरी-कोली भूमिपुत्रों की जमीन का विवाद शामिल हैं। इनके अलावा जेपी नॉर्थ इलाके में साइकिल ट्रैक के काम में कथित आर्थिक गड़बड़ी और परिवहन विभाग में परमिट व रिक्शा बैच के बंटवारे में अनियमितता का मुद्दा भी रखा गया। भाजपा ने बालासाहेब ठाकरे के नाम पर बनी आर्ट गैलरी के काम और नगर निगम के आरक्षित भूखंडों पर हुए विकास कामों में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
इसी बीच शिवसेना महिला शाखा ने भाजपा के प्रदर्शन का अलग अंदाज में जवाब दिया। प्रदर्शन चल रहा था, तभी शिवसेना की महिला पदाधिकारियों ने भाजपा नेताओं के सामने आईने दिखाकर उनके आरोपों का विरोध किया। उनका संदेश था कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपना चेहरा देखिए। इससे नवघर नाका इलाके में भाजपा और शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक तनाव का माहौल बन गया।
शिवसेना महिला शाखा का आरोप है कि शांति से विरोध दर्ज कर रही महिला पदाधिकारियों के साथ नवघर पुलिस ने धक्का-मुक्की की। शिवसेना का यह भी आरोप है कि उन्हें डंडों से मारा गया और पुलिस वैन में बैठाकर हिरासत में लिया गया। शिवसेना जिला संयोजक निशा नार्वेकर समेत महिला पदाधिकारियों के हिरासत में लिए जाने पर शिवसैनिक नवघर पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। पुलिस की भूमिका एकतरफा बताते हुए महिला शाखा ने इस कार्रवाई का विरोध किया।
निशा नार्वेकर ने कहा कि भाजपा नेता खुद पर लगे आरोपों से ध्यान हटाने के लिए मंत्री प्रताप सरनाईक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक भाजपा के आंदोलन को आईने दिखाकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया गया था, फिर भी पुलिस ने महिला पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस की कार्रवाई से शिवसेना की आवाज दबेगी नहीं और भाजपा के कथित भ्रष्टाचार तथा पुलिस की पक्षपाती भूमिका के खिलाफ शिवसेना अपने तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
भाजपा के आरोपों और शिवसेना महिला शाखा के जवाब से मिरा-भाईंदर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब शहर की नजर इस पर है कि भाजपा के आरोपों पर सरनाईक क्या जवाब देते हैं और महिला पदाधिकारियों को हिरासत में लेने के मामले में पुलिस प्रशासन अपनी भूमिका कैसे साफ करता है।
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