शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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म्हाडा के लोकशाही दिन में सुनवाई, लॉटरी विजेता को मिला फ्लैट का कब्जा

म्हाडा के लोकशाही दिन में सुनवाई, लॉटरी विजेता को मिला फ्लैट का कब्जा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

म्हाडा की लॉटरी में 20 प्रतिशत समावेशी योजना का फ्लैट लगने के बाद भी डेवलपर की मांग से अटके ज्ञानेश्वर गरकल को लोकशाही दिन में सुनवाई के बाद फ्लैट का कब्जा मिल गया।

म्हाडा की लॉटरी में अपना घर लगना हर आम आदमी का सपना होता है। लेकिन 20 प्रतिशत समावेशी योजना में फ्लैट लगने के बाद भी डेवलपर की गैरवाजिब मांगों की वजह से कब्जा पाने के लिए इंतजार करना पड़े, तो आवेदक के लिए यह बड़ी परेशानी की बात बन जाती है। ऐसे में लोगों की तकलीफ समझकर तय वक्त में उनके सवाल सुलझाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण और क्षेत्रविकास प्राधिकरण (म्हाडा) के लोकशाही दिन से यही संवेदनशील और जनता से जुड़े प्रशासन की भूमिका एक बार फिर सामने आई है।

म्हाडा के कोकण मंडल ने साल 2021 में 20 प्रतिशत समावेशी योजना की लॉटरी निकाली थी। इसमें श्री ज्ञानेश्वर गरकळ विजेता रहे थे। उन्होंने फ्लैट की पूरी बिक्री कीमत भर दी थी। इसके बावजूद संबंधित डेवलपर बुनियादी सुविधा विकास शुल्क के नाम पर ज्यादा रकम मांग रहा था, इसलिए फ्लैट का कब्जा मिलने में अड़चन आ गई थी।

अपने हक के घर के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, इसलिए श्री गरकळ ने 12 अक्टूबर 2026 को हुए 22 वें लोकशाही दिन में शिकायत दर्ज कराई।

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव जयस्वाल (आईएएस) ने सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों से बढ़े हुए शुल्क को लेकर जरूरी निर्देश देने को कहा। साथ ही उन्होंने आवेदक को फ्लैट का कब्जा दिलाने के लिए फौरन कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके मुताबिक संबंधित विभाग ने तेजी से कार्रवाई की और श्री गरकळ को उनके फ्लैट का कब्जा मिल गया।

इस मामले से साफ हुआ है कि लोकशाही दिन सिर्फ शिकायत रखने का मंच नहीं है, बल्कि लोगों की समस्याएं सुलझाने में असरदार साबित होने वाली पहल है। म्हाडा प्रशासन की प्राथमिकता जनता से जुड़ा कामकाज और तय वक्त में शिकायतों का निपटारा है, यह भी इस मामले से जाहिर हुआ है। लोगों को सिर्फ आश्वासन देने की जगह उनके सवाल असल में सुलझाकर राहत देना ही लोकशाही दिन का असली मकसद है। गरकळ को मिला फ्लैट का कब्जा इस पहल के असर की मिसाल बन गया है। लोकशाही दिन में लोगों को अपनी बात सीधे प्रशासन के सामने रखने का मौका मिलता है और संबंधित विभाग पुराने अटके सवालों को गंभीरता से लेकर सही हल निकाल सकता है।

जनवरी 2024 से हर महीने के दूसरे सोमवार को म्हाडा के बांद्रा पूर्व स्थित मुख्यालय के सभागार में म्हाडा लोकशाही दिन आयोजित हो रहा है। म्हाडा की ओर से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें हिस्सा लें और अपनी शिकायतों का फौरन निपटारा करा लें। अब तक म्हाडा में उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल की अध्यक्षता में 22 लोकशाही दिन कार्यक्रम सफलतापूर्वक हो चुके हैं।

लोकशाही दिन के तहत लोगों की शिकायती अर्जियों पर संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में सीधी और खुली चर्चा होती है। इससे सालों से अटके मामले फौरन निपटाए गए हैं और लोगों को आसान, पारदर्शी और तुरंत न्याय मिल रहा है। लोगों में यह भरोसा बना है कि इस पहल से म्हाडा प्रशासन ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति संवेदनशील बना है। हर लोकशाही दिन से पहले जयस्वाल पिछले लोकशाही दिनों के मामलों पर अधिकारियों की कार्रवाई की समीक्षा भी करते हैं। इसी वजह से लोकशाही दिन नागरिकों और प्रशासन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी साबित हो रहा है।

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