शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण, 30 और 31 अक्टूबर को गाड़ियों के रूट बदले

त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण, 30 और 31 अक्टूबर को गाड़ियों के रूट बदले तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के ध्वजारोहण के लिए त्र्यंबकेश्वर में 30 अक्टूबर सुबह 8 बजे से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।

नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर 2026 को कुशावर्त कुंड और नए घाट के इलाके में खास ध्वजारोहण कार्यक्रम होने वाला है। सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 से जुड़े इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आएंगे। इसलिए शहर में VIP लोगों के साथ आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

भीड़ से ट्रैफिक जाम न हो और सुरक्षा भी बनी रहे, इसके लिए प्रशासन ने रास्तों में अहम बदलाव किए हैं। ये पाबंदियां 30 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से 31 अक्टूबर को रात 8:00 बजे तक लागू रहेंगी।

अपर जिला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत ट्रैफिक अधिसूचना जारी की है। नाशिक, मुंबई, जव्हार और मोखाडा की तरफ से आने वाली गाड़ियों के लिए अलग रास्ते तय किए गए हैं। त्र्यंबकेश्वर जाने का प्लान बना रहे वाहन चालकों को निकलने से पहले इन रास्तों की जानकारी ले लेनी चाहिए।

नाशिक से त्र्यंबकेश्वर जाने वाली गाड़ियां आम तौर पर पिंपळगाव बहुला, संदीप फाउंडेशन, खंबाळे और पेगलवाडी फाटा होकर जाती हैं। इस रूट की ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। नया रास्ता यह है: अमृतचौक (बारदान फाटा) - गोवर्धन - गिरणारे - धोंडेगाव - देवरगाव - वाघेराफाटा - अंबोलीफाटा - सापगाव - त्र्यंबकेश्वर।

जव्हार, मोखाडा और अंबोली इलाके से त्र्यंबकेश्वर होकर नाशिक जाने वाली गाड़ियों के लिए भी दूसरा रास्ता तय हुआ है: अंबोली टी पॉइंट - वाघेरे फाटा - कोने - साप्ते - देवरगाव - गिरणारे - गोवर्धन - नाशिक। उम्मीद है कि इससे मुख्य सड़क पर भीड़ कम होगी।

मुंबई की तरफ से वैतरणाफाटा और पहिने होकर त्र्यंबकेश्वर आने वाली गाड़ियों को भी मोड़ा गया है। इनके लिए रास्ता है: वैतरणाफाटा - नाशिक - अमृतगार्डन - बारदानफाटा - गोवर्धन - गिरणारे - धोंडेगाव - त्र्यंबकेश्वर। मुंबई से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इन बदलावों का ध्यान रखें। सफर के लिए एक्स्ट्रा टाइम हाथ में रखना फायदेमंद रहेगा।

पहिने से नाशिक जाने वाली गाड़ियों के लिए रूट है: पहिने - आहुर्ली - सांजेगाव - वाडीवऱ्हे - नाशिक। वहीं पहिने से त्र्यंबकेश्वर जाने वाली गाड़ियां पहिने - भिलमाळ - निरगुडपाडा - जांभूळपाडा - सापगाव - त्र्यंबकेश्वर वाले रास्ते से जाएं।

लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिए गए हैं कि इन वैकल्पिक रास्तों पर दिशा बताने वाले बोर्ड और ट्रैफिक के साइन लगाएं। उन्हें यह भी कहा गया है कि सड़कों की जरूरी मरम्मत करें, ताकि हादसे या कानून-व्यवस्था की दिक्कत खड़ी न हो।

अधिसूचना का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 के लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालात को देखते हुए पाबंदियों में फेरबदल करने का अधिकार भी प्रशासन ने अपने पास रखा है।

त्र्यंबकेश्वर जाने से पहले वैकल्पिक रास्ते एक बार जांच लें और ट्रैफिक पुलिस की हिदायतों का पालन करें। इससे बेवजह के जाम से बचा जा सकेगा और सफर ज्यादा सुरक्षित और आसान रहेगा।

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