महाराष्ट्र में 2030-31 से पहली कक्षा के लिए कम से कम छह साल उम्र जरूरी
राज्य सरकार ने नर्सरी से पहली कक्षा तक दाखिले की न्यूनतम उम्र चार साल में चरणबद्ध तरीके से तय की है।
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नागपुर: महाराष्ट्र में अब माता-पिता को बच्चों के स्कूल दाखिले की योजना नई उम्र-आधारित समय-सारणी के हिसाब से बनानी होगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि शैक्षणिक वर्ष 2030-31 से पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की न्यूनतम उम्र छह साल होगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए गवर्नमेंट रिज़ॉल्यूशन (GR) जारी किया है। नए नियम चरणों में लागू होंगे और शुरुआत 2027-28 में नर्सरी के दाखिलों से होगी। सरकार का मकसद अलग-अलग बोर्ड से जुड़े स्कूलों में प्री-प्राइमरी और प्राइमरी शिक्षा के लिए एक जैसी उम्र की व्यवस्था बनाना है।
नए नियमों के मुताबिक बच्चे को संबंधित शैक्षणिक वर्ष की 30 जून तक तय न्यूनतम उम्र पूरी करनी होगी। सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड, सीबीएसई (CBSE), CISCE और IB से जुड़े स्कूल उम्र की अलग-अलग कट-ऑफ तारीखें मानते थे। इस वजह से दाखिले की शर्तों में गड़बड़ी हो रही थी। कोई बच्चा तय उम्र पूरी करता है या नहीं, यह 30 जून की तारीख से ही देखा जाएगा।
यह बदलाव चार शैक्षणिक वर्षों में धीरे-धीरे आएगा और इसमें नर्सरी, जूनियर केजी, सीनियर केजी और पहली कक्षा शामिल हैं। समय-सारणी इस तरह है:
2027-28 में नर्सरी या बालवाटिका-1 के लिए न्यूनतम उम्र तीन साल होगी। 2028-29 में जूनियर केजी या बालवाटिका-2 के लिए चार साल। 2029-30 में सीनियर केजी या बालवाटिका-3 के लिए पांच साल। और 2030-31 में पहली कक्षा के लिए छह साल।
राज्य सरकार के मुताबिक नया ढांचा दाखिलों में ज्यादा एकरूपता लाएगा और राज्य की दाखिला नीति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के साथ जोड़ेगा। GR में केंद्र की उस सलाह का भी जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि पहली कक्षा में दाखिले के समय बच्चे की उम्र छह साल से ज्यादा होनी चाहिए। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए कोई साझा न्यूनतम उम्र न होने से भी स्कूलों के दाखिला तरीकों में फर्क आ गया था। चरणबद्ध अमल का मकसद माता-पिता और शिक्षण संस्थानों को नई शर्तों के हिसाब से ढलने का वक्त देना है।
जो बच्चे पहले से पढ़ रहे हैं, उन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। नई उम्र की शर्तें नए दाखिलों पर लागू होंगी, जबकि 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में नर्सरी से पहली कक्षा तक जो बच्चे पहले से दाखिल हैं, उन्हें छूट रहेगी। GR के मुताबिक जिन छात्रों ने मान्यता प्राप्त स्कूल से पिछली कक्षा पास की है, उन्हें अगली ऊंची कक्षा में दाखिले के वक्त भी इन उम्र की शर्तों से छूट मिलेगी।
अलग-अलग हालात को देखते हुए स्कूल प्रमुखों को नर्सरी से पहली कक्षा तक के दाखिलों में न्यूनतम और अधिकतम उम्र की सीमा में 15 दिन की ढील देने का अधिकार दिया गया है। नियमों को लागू करने के लिए आगे के निर्देश और दिशानिर्देश प्राथमिक शिक्षा संचालनालय, पुणे जारी करेगा।
चरणबद्ध अमल का मतलब है कि अगले चार साल में दाखिला कराने वाले माता-पिता को अपने बच्चों की जन्म तारीख उस शैक्षणिक वर्ष की शर्तों से मिलानी होगी, खासकर तब जब राज्य पहली कक्षा के लिए छह साल की न्यूनतम उम्र की तरफ बढ़ रहा है।
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