मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
21:52 IST

महागाई भत्ता 60% से 63% होने का अंदाज, 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर टिकी नजर

केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर अगली कैबिनेट बैठक का इंतजार कर रहे हैं। 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की चर्चा है, पर सरकार ने अभी कुछ पक्का नहीं किया है।

महागाई भत्ता 60% से 63% होने का अंदाज, 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर टिकी नजर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर अब केंद्र सरकार की अगली कैबिनेट बैठक पर है। सबको जानना है कि महागाई भत्ता बढ़ेगा या नहीं, और बढ़ा तो महीने की तनख्वाह में कितना फर्क पड़ेगा। 21 अक्टूबर 2026 को संभावित कैबिनेट बैठक के आसपास 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का अंदाज चर्चा में है। बढ़ोतरी मंजूर हुई तो अभी 60% चल रहा महागाई भत्ता 63% हो सकता है। लेकिन सरकार ने न बढ़ोतरी की और न घोषणा की तारीख की कोई आधिकारिक पुष्टि की है। इसलिए 3%, 4% या 5%, इसका जवाब सरकारी फैसले के बाद ही मिलेगा।

कर्मचारी भत्ते की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 21 अक्टूबर की संभावित बैठक में इस पर फैसला लेगी। इससे पहले चर्चा थी कि दशहरे से पहले 14 अक्टूबर की बैठक में घोषणा हो जाएगी। पर उस बैठक में महागाई भत्ते पर कोई घोषणा नहीं हुई। उसमें रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी गई। यानी भत्ते के फैसले के लिए कर्मचारियों को फिर इंतजार करना पड़ रहा है।

ऑल इंडिया डिफेन्स एम्प्लॉइज फेडरेशन के सचिव सी. श्रीकुमार ने उम्मीद जताई है कि अगली कैबिनेट बैठक में महागाई भत्ते की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है। ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मनजीत पटेल ने बैठक से पहले कहा था कि घोषणा की संभावना कम है। फिर भी ये सब अपेक्षाएं ही हैं, सरकार का आधिकारिक फैसला अभी नहीं आया है।

अभी केंद्रीय कर्मचारियों को मूल वेतन का 60% महागाई भत्ता मिलता है। जुलाई 2026 से लागू होने वाली अगली किस्त के लिए जून 2026 तक की महंगाई के आंकड़े उपलब्ध हैं, और उन्हीं के आधार पर संभावित बढ़ोतरी का अंदाज लगाया जा रहा है। 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर भत्ता 63% होगा, 4 प्रतिशत पर 64% और 5 प्रतिशत पर 65%। सबसे ज्यादा चर्चा 60% से 63% की है। 4 या 5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी को अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है, इसलिए उन्हें पक्का फैसला मानना ठीक नहीं होगा।

भत्ता तय करने में औद्योगिक कामगारों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, यानी AICPI-IW, का इस्तेमाल होता है। इससे पता चलता है कि औद्योगिक कामगारों को खुदरा बाजार में चीजों और सेवाओं के लिए कितनी कीमत देनी पड़ती है। लेबर ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 में CPI-IW सूचकांक 151.9 था। जुलाई 2026 से लागू भत्ते की गणना में जुलाई 2025 से जून 2026 के 12 महीनों का औसत सूचकांक लिया जाता है। इन्हीं आंकड़ों से 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का अंदाज निकला है। पर यह गणना सिर्फ संभावित दर समझने में मदद करती है, इससे मंजूरी अपने आप नहीं मिलती। आखिरी फैसला केंद्र सरकार को ही लेना है।

मिसाल के तौर पर, जिस कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है, उसे अभी 60% के हिसाब से 10,800 रुपये भत्ता मिलता है। 63% होने पर यह 11,340 रुपये हो सकता है। यानी दरमहा 540 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं, और 12 महीनों में अतिरिक्त महागाई भत्ता 6,480 रुपये बनता है। यह हिसाब सिर्फ महागाई भत्ते का है। दूसरे भत्तों या वेतन से होने वाली कटौतियों में बदलाव इसमें शामिल नहीं है।

अगर सरकार बढ़ोतरी को जुलाई 2026 से लागू करने की मंजूरी देती है, तो पात्र कर्मचारियों को उस तारीख से बकाया, यानी एरिअर्स, मिलने की संभावना है। बकाया कितने महीनों का होगा और कब मिलेगा, यह आधिकारिक आदेश के बाद ही साफ होगा। इसलिए 21 अक्टूबर की संभावित कैबिनेट बैठक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अहम हो सकती है, और उन्हें सरकार की घोषणा का इंतजार करना होगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे