अगले 6 महीनों में नौकरियों में 5.4% बढ़त का अंदाज, ई-कॉमर्स और टेक स्टार्ट-अप आगे
टीमलीज सर्विसेस के एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज 5.4% रहने का अंदाज है।
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देश की आगे चलने वाली स्टाफिंग कंपनी टीमलीज सर्विसेस ने आर्थिक वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही यानी अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के लिए अपना 'एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट' जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज 5.4% रहने का अंदाज है। पहली छमाही में यह आंकड़ा 4.7% था। यह पिछली चार छमाही का सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस सुधार में नियोक्ताओं का बढ़ता भरोसा दिखता है। 60% संस्थाएं अपना स्टाफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं। 24% संस्थाओं को किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है, जबकि 16% संस्थाएं कटौती का अंदाज जता रही हैं। स्टाफ के आकार पर असर डालने वाली मुख्य वजहों में आर्थिक हालात (67%), कारोबार की बढ़त या पुनर्रचना (43%) और तकनीकी तरक्की (40%) शामिल हैं।
सेक्टरों की बात करें तो भर्ती बढ़ाने में 12.6% नेट एम्प्लॉयमेंट चेंज के साथ ई-कॉमर्स और टेक स्टार्ट-अप सबसे आगे हैं। उनके बाद ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी (12.3%) और रिटेल (10.3%) का नंबर है। ऑटोमोटिव (10.1%), ईवी एंड ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर (9.7%) और बैंकिंग (9.2%) सेक्टरों ने भी भर्ती के मजबूत संकेत दिए हैं।
संस्था के आकार के हिसाब से देखें तो 66% बड़ी कंपनियां स्टाफ बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। मध्यम उद्योगों में यह हिस्सा 59% है, और स्टार्ट-अप व छोटे कारोबारों में 53%। शहरों में 68% के साथ बेंगलुरु भर्ती में सबसे आगे है। उसके बाद हैदराबाद (61%) और पुणे (60%) आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस छमाही में पुणे ने सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की है।
भर्ती की मांग ज्यादातर उन विभागों में है जिनका सीधा असर कारोबार की बढ़त पर पड़ता है। इनमें सेल्स एंड मार्केटिंग (64%), आईटी (50%) और फाइनेंस (48%) प्रमुख हैं। साथ ही डिजिटल साक्षरता (59%), कस्टमर एक्सपीरियंस मैनेजमेंट (51%), संवाद कौशल (48%) और अडैप्टेबिलिटी (44%) जैसे हुनर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
फिर भी स्टाफ बढ़ाने में कुशल टैलेंट मिलना बड़ी चुनौती बना हुआ है। विस्तार करना चाहने वाले 72% नियोक्ताओं को भर्ती के वक्त मध्यम से गंभीर दिक्कतें आने की आशंका है। सबसे ज्यादा चुनौती आईटी (39%), सेल्स एंड मार्केटिंग (38%) और इंजीनियरिंग (32%) विभागों को झेलनी पड़ रही है। यहां एक पद भरने में औसतन 35 से 45 दिन लग रहे हैं।