पूरा किया चार साल का कार्यकाल तो अग्निवीरों को पुलिस में 25 फीसदी जगह: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार की कैबिनेट बैठक के बाद अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती की घोषणा की।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की है। चार साल का कार्यकाल पूरा करके लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य की पुलिस के साथ-साथ अलग-अलग सरकारी सेवाओं में भी लिया जाएगा। फडणवीस ने बताया कि पुलिस में 25 फीसदी अग्निवीरों को मौका दिया जाएगा।
फडणवीस के मुताबिक इन अग्निवीरों को उम्र में चार साल की छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए न कोई परीक्षा देनी होगी और न नए सिरे से ट्रेनिंग लेने की शर्त रहेगी।
यह फैसला आज, मंगलवार 29 सितंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य की कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में अग्निवीरों से लेकर सर्किट बेंच तक कुल 10 बड़े फैसले हुए।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल अब पूरा हो रहा है। उनका कहना था, "केंद्र की योजना के मुताबिक कुछ अग्निवीर सेना में बने रहेंगे, जबकि बाकी अग्निवीरों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं में मौका मिलना जरूरी है।"
फडणवीस ने कहा, "राज्य सरकार ने अग्निवीरों के लिए पहले ही 10 फीसदी समांतर आरक्षण का फैसला किया है। इसके अलावा पूर्व सैनिकों की श्रेणी में भी उन्हें प्राथमिकता देने का रुख सरकार ने लिया है। इसलिए सेना के चार साल के अनुभव का फायदा राज्य की पुलिस और दूसरी सुरक्षा व्यवस्थाओं को दिलाने की सरकार की कोशिश है।"
फायरमैन के तौर पर नियुक्त होने वाले अग्निवीरों के बारे में फडणवीस ने कहा कि उनके लिए संबंधित ट्रेनिंग पूरी करने की शर्त रखी जाएगी। यह ट्रेनिंग एक साल के अंदर पूरी करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरी पदों की संख्या कम पड़ी तो अतिरिक्त पद बनाने का फैसला भी हुआ है। उनके मुताबिक सरकारी सेवा में काम करने के इच्छुक अग्निवीरों को समायोजित करने का रुख सरकार ने अपनाया है।
नौसेना से सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों का अनुभव कोस्टल सिक्योरिटी के काम आ सकता है। इसलिए ऐसे अग्निवीरों को तटीय सुरक्षा व्यवस्था में लेने के लिए पदों में ढील देने का फैसला किया गया है।
कैबिनेट बैठक में राज्य के सूखे के हालात पर भी अहम चर्चा हुई। मंत्रियों ने यह बात रखी थी कि कुछ तालुकों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन वे मौजूदा सूखे के निकषों में नहीं बैठते। ऐसे में ट्रिगर-2 के कुछ निकषों को देखते हुए जरूरत पड़ने पर उन इलाकों को भी सूखे के लाभ देने की प्रक्रिया तय की गई है।
इस प्रक्रिया पर मंत्रिमंडल की उपसमिति नजर रखेगी। फडणवीस ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि मदद सिर्फ तालुका तक सीमित न रहे, बल्कि मंडल स्तर पर भी उस पर विचार हो। इससे सूखे के निकषों की वजह से मदद से छूट सकने वाले किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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