लखनऊ कैफे मालिक की मौत: ई-रिक्शा से मिला सुराग, नागपुर के फ्लैट से तीन गिरफ्तार
लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश नागपुर के चिंचभुवन से गिरफ्तार किए गए।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत के सनसनीखेज मामले में नागपुर पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया। तीनों नागपुर के बाहरी इलाके चिंचभुवन में एक अपार्टमेंट की 11वीं मंजिल पर किराए के फ्लैट में रह रहे थे। बताया गया है कि श्रद्धा बुर्का पहनकर घूम रही थी।
इस गिरफ्तारी में सबसे अहम कड़ी एक आम ई-रिक्शा की सवारी बनी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली किराए की गाड़ी से नागपुर पहुंचे थे। गणेशपेठ पहुंचकर उन्होंने कथित तौर पर वह गाड़ी छोड़ दी और ई-रिक्शा लेकर चिंचभुवन की तरफ निकल गए। आरोप है कि ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए कई शहरों में घूमते रहे थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस को जानकारी मिली थी कि संदिग्ध मध्य भारत की तरफ भाग रहे हैं। इसलिए उसने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील से मदद मांगी। आयुक्त ने यह जिम्मा क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त दीपक अग्रवाल को सौंपा। अग्रवाल ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख और नितिन चुलपार की निगरानी में तीन टीमें बनाईं। टीमों ने अलग-अलग सुराग पकड़े, संदिग्धों के मुमकिन रास्ते खंगाले और शहर में उनकी आवाजाही का पता लगाने में जुटीं।
जांच करने वालों ने सीसीटीवी फुटेज, इंटरनेट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और स्थानीय जानकारी को जोड़कर पूरा रास्ता खड़ा किया। बताया गया है कि किसी एक सुराग के भरोसे बैठने के बजाय उन्होंने आवाजाही का पूरा सिलसिला जोड़ा, जो आखिर में चिंचभुवन की ओर इशारा करता था।
ई-रिक्शा का रास्ता ढूंढने के लिए क्राइम ब्रांच ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। अलग-अलग जगहों की रिकॉर्डिंग मिलाकर और गाड़ी की आवाजाही पर नजर रखकर टीमें धीरे-धीरे उस किराए के अपार्टमेंट तक पहुंचीं, जहां तीनों संदिग्ध कथित तौर पर ठहरे हुए थे। शहर के रोजमर्रा के ट्रैफिक में जो ई-रिक्शा शायद किसी की नजर में न आता, वही जांच की अहम कड़ी निकला।
श्रद्धा पर आरोप है कि वह 10 दिन तक छिपी रही और नेपाल, आगरा, लखनऊ और कानपुर होते हुए नागपुर पहुंची। जांच करने वालों को शक है कि उसने पकड़े जाने से बचने के लिए संपर्क के अलग-अलग तरीके अपनाए और बहन व ड्राइवर के साथ सफर के दौरान पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहना। उनकी आवाजाही का ठीक क्रम, बातचीत के तरीके और सफर में उन्हें किसी से मदद मिली या नहीं, यह सब पुलिस को तय करना है।
फ्लैट की पहचान होने के बाद क्राइम ब्रांच ने तुरंत अंदर जाने के बजाय इमारत पर नजर रखी। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के सदस्यों के पहुंचने तक पुलिस निगरानी करती रही, ताकि दोनों राज्यों की पुलिस में तालमेल रहे। इसके बाद संयुक्त टीम ने फ्लैट पर छापा मारा और तीनों को हिरासत में ले लिया। उम्मीद है कि तीनों को ट्रांजिट रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा और फिर बुधवार को आगे की जांच के लिए लखनऊ ले जाया जाएगा।
मामला 27 साल के शिवा शर्मा की मौत का है। वे लखनऊ के कारोबारी थे और कैफे व रेस्टोरेंट चलाते थे। 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कथित तौर पर गिरने से उनकी मौत हो गई। शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा और उसके साथियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि शिवा को परेशान किया गया, धमकियां दी गईं और मारपीट की गई। शिकायत के बाद लखनऊ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
बाद में श्रद्धा ने एक वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया और दावा किया कि शिवा ने खुदकुशी की थी। उसका यह दावा मृतक के परिवार के लगाए हत्या के आरोपों से उलट है। मौत के हालात की जांच पुलिस कर रही है।
नागपुर की गिरफ्तारियों से तलाश में बड़ी कामयाबी मिली है, लेकिन जांच का अगला दौर अब शुरू होगा। पुलिस शिवा की मौत से पहले की घटनाओं का क्रम जोड़ेगी, परिवार के आरोपों को परखेगी और तीनों संदिग्धों के बयानों की पड़ताल करेगी। लखनऊ मामले का सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि चौथी मंजिल से गिरने से पहले शिवा शर्मा के साथ आखिर क्या हुआ था। गिरफ्तार लोगों की जिम्मेदारी, अगर कोई है, तो वह भी जांच में तय होगी।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
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