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नागपुर कोर्ट से ट्रांसिट रिमांड मिलने के बाद श्रद्धा, रश्मि और दानिश को लखनऊ ले गई पुलिस

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में फरार चल रहे तीनों आरोपियों को मंगलवार को नागपुर में गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया।

नागपुर कोर्ट से ट्रांसिट रिमांड मिलने के बाद श्रद्धा, रश्मि और दानिश को लखनऊ ले गई पुलिस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध श्रद्धा दुबे को बुधवार को नागपुर की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत की कार्यवाही के बाद पुलिस की टीम सभी आरोपियों को ट्रांसिट रिमांड पर लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है। बताया गया है कि लखनऊ पुलिस की STF ने नागपुर जिला अदालत से 72 घंटे का ट्रांसिट रिमांड हासिल किया।

श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और लखनऊ पुलिस के संयुक्त विशेष अभियान के तहत हुई। तीनों कई दिनों से फरार थे और हर एक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस की कई विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं।

मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर को हुई। शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया।

मां ने उस रात का ब्योरा दिया है। उनके मुताबिक सबसे पहले श्रद्धा की बहन का फोन आया, जिसमें कहा गया कि शिवा बालकनी से गिर गया है और उसे इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा है। मां फौरन अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां कोई नहीं मिला और काउंटर पर शिवा के भर्ती होने का कोई रिकॉर्ड भी नहीं था।

उन्होंने दोबारा फोन किया तो उन्हें ड्राइवर दानिश का नंबर दिया गया। दानिश ने कहा कि वे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में हैं। मां अकेले वहां पहुंचीं तो एक एम्बुलेंस और दानिश खड़ा मिला। शिवा को क्या हुआ, यह पूछने पर दानिश ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह तो बस एक नौकर है, उसे कुछ नहीं पता। इसके बाद वह वहां से तुरंत भाग निकला।

लखनऊ पुलिस ने शुरू में आरोपियों की जानकारी देने पर 25,000 रुपये का इनाम रखा था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया। तलाश के लिए सर्विलांस यूनिट, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। सघन तलाशी के बाद तीनों को नागपुर से पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के बाद लखनऊ पुलिस की टीम ने मेडिकल जांच करवाई और फिर आरोपियों को नागपुर के हुड़केश्वर पुलिस स्टेशन ले गई। बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन में महिलाओं को हिरासत में रखने की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए श्रद्धा और उसकी बहन को हुड़केश्वर स्टेशन के लॉकअप में रखा गया। बुधवार को अदालत में पेशी के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर पुलिस उन्हें लखनऊ ले गई।

श्रद्धा दुबे ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका दावा है कि शिवा ने आत्महत्या की थी और उसकी इमारत का CCTV फुटेज उसकी बेगुनाही साबित कर देगा। श्रद्धा के मुताबिक वह शिवा को सिर्फ चार महीने से जानती थी और दोस्ती दो-ढाई महीने ही रही। उसका कहना है कि शिवा पिछले दो महीनों में ही उसके घर आने लगा था और इतने कम वक्त में किसी के लिए ऐसी रंजिश नहीं बन सकती। उसने यह भी आरोप लगाया कि शिवा की मां उसे पसंद नहीं करती थीं, इसलिए वे झूठे आरोप लगा रही हैं।

दूसरी तरफ शिवा की मां का कहना है कि उनका बेटा किसी डिप्रेशन में नहीं था। वे बेटे के लिए जल्द से जल्द सख्त सजा और न्याय की मांग कर रही हैं।

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