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महिलाओं को बनाया मोहरा, करोड़ों की वसूली का खेल!

अंतराज्यीय हनीट्रैप रैकेट का भंडाफोड़, फर्जी मामले में फंसाकर 3 करोड़ की उगाही, जांच में खुला ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का राज, सूत्रधार युवक गिरफ्तार

राहुल मदने डीसीपी जोन 3

नागपुर.

पहले महिलाओं के शोषण का मुद्दा उठाया, फिर पुलिस के सामने शिकायतकर्ता का रहनुमा बनकर खड़ा हो गया! लेकिन थाने में उसकी जरूरत से ज्यादा दखलंदाजी ने ऐसा शक पैदा किया कि जांच की दिशा ही बदल गई. तहसील पुलिस ने सोशल मीडिया ऐप के जरिए हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के खेल का पर्दाफाश करते हुए आगरा निवासी आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता (30) को गिरफ्तार किया है. गुप्ता महिलाओं की शिकायतों को हथियार बनाकर लोगों को कानूनी मामलों में फंसाने और उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल चला रहा था.

मामले की शुरुआत तहसील क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती की शिकायत से हुई. युवती सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है. युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मीका डेटिंग ऐप पर राजस्थान निवासी इरफान अली ने उसे वर्चुअल सेक्स के लिए प्रेरित किया था. इरफान ने मोबाइल स्क्रीन की रिकॉर्डिंग करके उसे ब्लैकमेल करके पैसों की डिमांड की. उसे बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगे. तहसील पुलिस ने छेड़खानी, धमकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को गुप्ता की गतिविधियां खटकने लगीं. पुलिस पूछताछ के लिए युवती को जब भी थाने बुलाती आदित्य गुप्ता भी उसके साथ पहुंच जाता था. पुलिस सवाल पूछती तो वह बीच में हस्तक्षेप करने लगता. मीका एप के सच्चाई पता करने के लिए पुलिस ने युवती से उसका मोबाइल मांगा. गुप्ता युवती को मोबाइल सौंपने से भी रोकने लगा. अधिकारियों के सामने बड़े अफसरों और नेताओं से पहचान का रौब झाड़ने लगा. वह पुलिस को उसके बताए हुए तथ्यों को ही सबूत के तौर पर दस्तावेज में दर्ज करने का बोलता था.

बस, यहीं से पुलिस का शक गहराने लगा!

आदित्य गुप्ता के हस्तक्षेप से पुलिस को 'दाल में काला' होने का संदेह हुआ. उसने युवती को भरोसे में लेकर दोबारा पूछताछ की. इसके बाद जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. पुलिस के मुताबिक युवती ने बताया कि वह इरफान अली से कभी मिली ही नहीं थी और न ही मीका ऐप पर उसकी उससे बातचीत हुई थी. इरफान के बारे में उसे आदित्य गुप्ता ने ही जानकारी दी थी. आदित्य ने युवती को भरोसा दिलाया था कि वह मीका ऐप पर महिलाओं के शोषण को रोकना चाहता है. वह पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में मदद करना चाहता है. उसने युवती को इरफान के खिलाफ शिकायत दर्ज करने को कहा. ऐसा करने पर पांच लाख रुपए देने का वादा किया. तहसील थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद युवती ने मीका ऐप पर अकाउंट बनाया. युवती के सच्चाई बताने पर पुलिस हरकत में आ गई.

इरफान से मांगे 3 करोड़ रुपये

पुलिस ने इरफान अली से पूछताछ की. उसने बताया कि आदित्य उसे इस मामले से बचाने के बदले 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांग रहा था।. इरफान ने यह भी बताया कि इससे पहले पुणे में उसके खिलाफ बलात्कार का झूठा मामला दर्ज कराने में आदित्य की भूमिका थी. रेप के प्रकरण में आदित्य ने खुद को पीड़िता का भाई बताकर पैसों की मांग की थी. इरफान व्यापारी है. आदित्य उसे काफी समय से ब्लैकमेल कर रहा है. इन खुलासों के बाद पुलिस ने आदित्य को गिरफ्तार कर लिया.अब जांच का दायरा इस बात तक पहुंच गया है कि क्या शिकायत, छेड़खानी का फर्जी मामला और करोड़ों की मांग किसी सुनियोजित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का हिस्सा थे.

भाई ने भी दर्ज कराया है धोखाधड़ी का मामला

आदित्य गुप्ता के खिलाफ आगरा में उसके भाई ने भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है. जांच में नागपुर में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से भी गुप्ता के संपर्क होने का पता चला है. पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों, निशाना बनाए गए लोगों और पैसों के लेन-देन की पड़ताल कर रही है. उसने पीड़ितों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की है. यह कार्रवाई जोन तीन के डीसीपी राहुल मदने के मार्गदर्शन में पीआई संजय मेंढे, पीएसआई संदीप भिताले तथा हवलदार धनराज सिंगुवार, नितिन मिश्रा, विनोद गवई, सचिन अश्वार, पंकज मारसिंगे, इरफान पठान और महेंद्र सेलूकर ने कार्रवाई की.

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