कोरपना नगर पंचायत के सफाई कामगारों का PF और पगार का मामला गरमाया
कोरपना नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों की शिकायत पर सहायक आयुक्त क्रियान्वयन अधिकारी कार्यालय के निरीक्षक ने जांच की। ठेकेदारों पर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए गए।
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चंद्रपुर जिले की कोरपना नगर पंचायत ठोस कचरा प्रबंधन में गड़बड़ी और भविष्य निर्वाह निधि यानी PF घोटाले की वजह से पहले ही चर्चा में है। अब सफाई कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए सहायक आयुक्त प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय की निरीक्षक तृप्ती दोहे नगर पंचायत पहुंचीं।
शिकायत यह है कि कर्मचारियों के PF की रकम उनके खाते में नियमित रूप से जमा नहीं की गई। कर्मचारी 2018-19 से ठोस कचरा प्रबंधन, स्वच्छता, गंदे पानी और मरे हुए जानवरों के निपटान का काम कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि कई सालों से ठेकेदार एजेंसी भूषण इटनकर और रक्षक सिक्योरिटी ने कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान किया, अनियमितता की और नियमों के खिलाफ PF की रकम का गबन और इस्तेमाल किया।
ठेकेदार भूषण इटनकर ने फोन पर बताया कि उन्होंने 15 लाख रुपये PF भरा है। लेकिन निरीक्षक के मुताबिक भविष्य निर्वाह निधि कानून के हिसाब से चालान और अधिकृत दस्तावेज़ उनके कार्यालय में जमा नहीं किए गए हैं।
मुख्य अधिकारी राम रावते ने बताया कि ठेकेदारों ने बिल जमा किए हैं, मगर PF भरने का कोई कागज नहीं दिया। इसी वजह से पिछले तीन-चार महीने से कर्मचारियों की पगार रोकी गई है।
ठेकेदारों को सूचना दी गई कि अनुबंध रिकॉर्ड, वेतन एंट्री रजिस्टर, PF चालान और UAN खाते से जुड़े पूरे दस्तावेज़ जांच के लिए पेश करें। लेकिन जांच के वक्त दोनों ठेकेदार हाजिर नहीं थे। निरीक्षक ने इसे गंभीरता से लिया और कहा कि दोनों को कार्यालय की तरफ से पत्र दिया जाएगा। साथ ही गंभीर किस्म की गड़बड़ी निकली तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षक ने नगर पंचायत से भी कहा कि वह ठेकेदारों को सही निर्देश देकर दस्तावेज़ मंगवाकर जमा कराए। स्वास्थ्य निरीक्षक शंकर तांड्रा से PF भरने की पुष्टि किए बिना बिल क्यों जमा किए गए, इस बारे में मुख्य अधिकारी को पूरी जानकारी लेकर पेश करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षक ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण, चार महीने से एजेंसी की तरफ से पगार न मिलना और पगार में अंतर, ये सारी बातें गंभीर हैं। सरकार की नीति के मुताबिक PF की रकम हर बार पगार की अवधि में ही जमा करना अनिवार्य है। इसके बावजूद ठेकेदार की तरफ से अनियमितता हुई और पिछले सात-आठ साल से PF भरने और कर्मचारियों को इसकी जानकारी देने में अनदेखी हुई। इसलिए गंभीर कार्रवाई के संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसियों से जवाब मांगा जाएगा और उचित कानूनी कार्रवाई होगी।
निरीक्षक ने आज नगर पंचायत में कर्मचारियों के सामने यह बात कही। मामला जल्दी निपटाने के लिए जरूरी दस्तावेज़ कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए और कर्मचारियों को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया।
इस मौके पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश सचिव आबिद अली, मुख्य अधिकारी राम रावते, स्वास्थ्य निरीक्षक शंकर पांढरा, कर्मचारी आनंदराव आपटे, सुधाकर आत्राम, बंडू लसनते, पांडुरंग मेश्राम, बादल भगत और दूसरे कर्मचारी मौजूद थे।
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