चंद्रपुर के जनता कॉलेज चौक पर सरकारी CCTV कैमरे के ठीक सामने लगा राजनीतिक बैनर
नागपुर-चंद्रपुर महामार्ग पर जनता कॉलेज चौक के पास सरकारी CCTV कैमरे के सामने राजनीतिक प्रचार का बैनर लगा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चंद्रपुर शहर में गुनाहों की हलचल पर नजर रखने, ट्रैफिक की निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा पक्की करने के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन अगर यही कैमरे बैनर के पीछे ढक जाएं, तो शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र में नागपुर-चंद्रपुर महामार्ग पर जनता कॉलेज चौक के पास सरकारी CCTV कैमरे के बिल्कुल सामने राजनीतिक प्रचार से जुड़ा बैनर लगा हुआ सामने आया है। इससे संबंधित विभागों के काम करने के तरीके और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर उनकी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता कॉलेज चौक शहर की भीड़भाड़ वाली जगहों में से एक है। यहां मेहरा हॉस्पिटल, जनता कॉलेज, पेट्रोल पंप, साईबाबा मंदिर, पिज़्ज़ा शॉप, ट्रेंड्स स्टोर, टी शॉप और होटल समेत कई दुकानें और प्रतिष्ठान हैं। इसलिए यहां दिन भर आम लोग, विद्यार्थी, गाड़ी चलाने वाले और ग्राहक आते-जाते रहते हैं।
ऐसे अहम चौक के CCTV कैमरे के सामने बैनर लगने से गंभीर चिंता जताई जा रही है। अगर बैनर की वजह से कैमरे की नजर की हद रुक रही है, तो हादसा, ट्रैफिक नियमों की तोड़फोड़, झगड़ा या कोई गुनाह होने पर CCTV फुटेज का इस्तेमाल सीमित रह सकता है।
शहर में CCTV कैमरे लगाने का मुख्य मकसद शक पैदा करने वाली हलचल पर नजर रखना, हादसों की जांच में मदद करना और कानून व व्यवस्था बनाए रखने में संबंधित एजेंसियों का साथ देना है। मगर बैनर की वजह से इन्हीं कैमरों की निगरानी की क्षमता घट रही हो, तो उनकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सवाल यह है कि सरकारी सुरक्षा तंत्र के उपकरणों के सामने प्रचार सामग्री लगाने की इजाजत आखिर किसने दी। क्या बैनर लगाने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति ली गई थी? अगर अनुमति दी गई थी, तो क्या कैमरे की नजर की हद और सार्वजनिक सुरक्षा का ख्याल रखा गया था? लोगों की ओर से ऐसे सवाल उठने की संभावना है।
इस मामले में ट्रैफिक पुलिस, चंद्रपुर महानगरपालिका और CCTV सिस्टम संभालने वाले विभाग की भूमिका साफ होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को मौके का मुआयना करके देखना चाहिए कि कैमरे का दृश्य रुक रहा है या नहीं और बैनर लगाने की जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो नियम के मुताबिक कार्रवाई करके बैनर हटाना और CCTV कैमरे की असरदार निगरानी व्यवस्था फौरन पहले जैसी करना जरूरी है।
सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। किसी अहम चौक का कैमरा ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहा हो, तो किसी हादसे या अप्रिय घटना के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही इंतजाम करना चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनता कॉलेज चौक के CCTV कैमरे के सामने लगे बैनर की संबंधित विभाग कब सुध लेगा। क्या अधिकारी मौके का मुआयना करके जरूरी कार्रवाई करेंगे? या किसी हादसे या गुनाह के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिया जाएगा?
शहर की सुरक्षा सिर्फ CCTV कैमरे लगा देने से पक्की नहीं होती। उनकी निगरानी की क्षमता बनाए रखना और सार्वजनिक सुरक्षा के नियमों पर अमल करना भी उतना ही जरूरी है। जनता कॉलेज चौक का यह मामला संबंधित विभागों के लिए वक्त रहते ध्यान देने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चेतावनी बन रहा है।
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