मुंबई में साढ़े छह साल में 720 लोगों की मौत, 2,408 घायल; RTI से खुली आपात हादसों की हकीकत
RTI से मिली जानकारी के मुताबिक 2020 से सितंबर 2026 के बीच मुंबई में आपात हादसों में 720 लोगों की जान गई।
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नागरिक सुरक्षा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। पिछले साढ़े छह साल में, यानी साल 2020 से सितंबर 2026 तक, शहर में हुए अलग-अलग आपात हादसों में 720 बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और 2,408 लोग घायल हुए हैं।
यह चौंकाने वाला आंकड़ा RTI कार्यकर्ता शकील अहमद शेख की मांगी हुई जानकारी से उजागर हुआ है। मुंबई नगर निगम के आपातकालीन प्रबंधन विभाग के जन सूचना अधिकारी सुनील जाधव ने सूचना के अधिकार कानून के तहत यह आधिकारिक जानकारी दी है। इससे साफ हुआ है कि इन साढ़े छह सालों में आग, इमारतें गिरने, दरारें और मलबा गिरने, खुले मैनहोल और पानी में डूबने की घटनाओं से मुंबई के लोगों की जान को बड़ा खतरा बना रहा।
निगम की दी हुई जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा जानें घर, दीवारें और इमारतों के हिस्से गिरने से गई हैं। इस तरह के हादसों में 179 लोगों की मौत हुई और 864 लोग घायल हुए। वहीं आग और शॉर्ट सर्किट की घटनाओं में 168 बेकसूर लोग जलकर मर गए और 1,048 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जारी किए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा चिंता की बात पानी और मैनहोल से जुड़ी मौतें हैं। समुद्र, नाले, नदियां, कुएं, खाड़ियां और मैनहोल में गिरने से कुल 328 लोगों की जान गई है। इनमें 237 पुरुष और 91 महिलाएं शामिल हैं।
अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि हादसा होने के बाद सिर्फ पंचनामा करने और आर्थिक मदद का ऐलान करने से आगे बढ़कर नगर निगम प्रशासन ठोस रोकथाम के कदम उठाता भी है या नहीं। इसी पृष्ठभूमि में RTI कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने नगर निगम आयुक्त और मुख्य दमकल अधिकारी को पत्र भेजकर फौरन उपाय करने की मांग की है।
शहर की खतरनाक इमारतों का ऑडिट कराने, खुले मैनहोल पर जालियां लगाने और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने की मांग अब जोर पकड़ रही है।
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