कोपरखैरणे सेक्टर 23 का पुराना पानी टैंक गिरेगा, 11 करोड़ से ज्यादा में बनेगा नया
नवी मुंबई नगर निगम कोपरखैरणे के सेक्टर 23 में 35 साल पुरानी कमजोर पानी की टंकी की जगह नई टंकी बनाने जा रहा है।
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नवी मुंबई नगर निगम कोपरखैरणे के सेक्टर 23 में सिडको के जमाने की पुरानी पानी की टंकी गिराकर उसकी जगह नई बनाने की तैयारी में है। यह टंकी करीब 35 साल पुरानी है और कमजोर हो चुकी है। इसकी जगह एक तलस्तरीय यानी ग्राउंड लेवल और एक उच्चस्तरीय पानी की टंकी बनाई जाएगी।
इस काम पर करीब 11 करोड़ 6 लाख रुपये खर्च होने का अंदाजा है। टेंडर को वित्तीय मंजूरी दिलाने का प्रस्ताव गुरुवार, 22 अक्टूबर को होने वाली नवी मुंबई नगर निगम की स्थायी समिति के सामने रखा जाएगा।
सेक्टर 23 की पुरानी उच्चस्तरीय पानी की टंकी 2.5 मिलियन लीटर क्षमता की थी। लेकिन उसकी संरचनात्मक जांच में पता चला कि वह कमजोर पड़ चुकी है और उसकी मरम्मत मुमकिन नहीं है। इसी वजह से उसे हटाकर नई टंकी बनाने की सिफारिश की गई है। यह जांच आईआईटी मुंबई ने की थी।
अभी सेक्टर 22 और 23 में पानी सेक्टर 18 से बूस्टिंग के जरिए पहुंचाया जाता है। इसका नतीजा यह है कि इलाके के आखिरी छोर की सोसायटियों को कम प्रेशर से और जरूरत से कम पानी मिल रहा है। लोग इसकी शिकायत बार-बार कर रहे हैं। इस समस्या का पक्का हल निकालने के लिए नई पानी की टंकी बनाने का प्लान तैयार हुआ है।
प्रस्ताव के मुताबिक 0.75 मिलियन लीटर क्षमता की तलस्तरीय पानी की टंकी और 1.1 मिलियन लीटर क्षमता की उच्चस्तरीय पानी की टंकी बनेगी। इसके साथ पंपहाउस, ऑपरेटर रूम, अलग-अलग व्यास की पानी की पाइपलाइनें और वाल्व लगाने जैसे दूसरे काम भी होंगे।
काम के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया चलाई गई थी, जिसमें चार टेंडर आए। मे. मंगलमूर्ति एंटरप्राइजेज ने एस्टीमेट के रेट पर टेंडर भरा। मे. माधवराव एन. कालभोर ने 7.50 प्रतिशत ज्यादा रेट पर और मे. रिलायंस कंस्ट्रक्शन ने 9 प्रतिशत ज्यादा रेट पर टेंडर भरा। मे. एमडी इन्फ्रास्ट्रक्चर का टेंडर अपात्र ठहराया गया। इस तरह मे. मंगलमूर्ति एंटरप्राइजेज का टेंडर सबसे कम रेट का निकला।
काम की टेंडर रकम 9 करोड़ 37 लाख 34 हजार 675 रुपये है। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़कर कुल खर्च 11 करोड़ 6 लाख 6 हजार 917 रुपये अपेक्षित है। काम बरसात का मौसम छोड़कर 10 महीनों में पूरा करने का प्लान है। इस काम को प्रशासनिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है और अब नगर निगम की स्थायी समिति से वित्तीय मंजूरी ली जाएगी।
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