खाने के बाद सीने में जलन और खट्टी डकार से जुड़ी आदतें और सावधानियां
खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकार और गले में पित्त जमा होने की तकलीफ पर आम जानकारी, साथ में डॉक्टर की सलाह की बात।
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बदलती जीवनशैली, काम का बढ़ता तनाव, खाने के गलत वक्त, जंक फूड का ज्यादा सेवन और नींद की कमी, इन सबका असर सीधे शरीर पर दिखाई देता है। कई बार खाने के बाद खट्टी डकार आती है, सीने में तेज जलन होती है, खाया हुआ अचानक गले तक लौट आता है और मुंह में पीला, खट्टा या कड़वा स्वाद फैल जाता है।
खान-पान में बदलाव और गलत जीवनशैली की वजह से ये लक्षण कभी न कभी हर किसी को दिख जाते हैं। गले में जमा होने वाले पित्त से मुंह का पूरा स्वाद बिगड़ जाता है। बताया गया है कि अगर खाने के बाद बार-बार गले के पास खट्टा पित्त जमा होता है, तो कुछ घरेलू उपाय आजमाए जा सकते हैं, जिनसे पित्त की तकलीफ से राहत मिलेगी और मुंह का स्वाद खराब नहीं होगा।
पहला उपाय खाने और सोने के वक्त से जुड़ा है। बताया गया है कि खाने और सोने के बीच 3 घंटे का फासला रखना बहुत जरूरी है। तकलीफ शुरू हो जाए तो बिल्कुल नहीं लेटना चाहिए। सीधे बैठे रहने या खड़े रहने से पेट का खाना और एसिड फिर से नीचे जाने में मदद पाता है, जबकि खाने के तुरंत बाद लेटने से गले में पित्त जमा होने की संभावना रहती है।
खाने-पीने की चीजों के बारे में कहा गया है कि बहुत तेलकट, तीखे और मसालेदार पदार्थ, चॉकलेट, कॉफी और कैफीन वाले पेय, शराब, पुदीना, संतरा या नींबू जैसी खट्टी चीजें खाली पेट लेने पर एसिडिटी की तकलीफ बढ़ती है। इसलिए खाली पेट आसानी से पचने वाली चीजें ही लेने को कहा गया है। रात में बार-बार गले में खट्टा पानी आता हो, तो सोते वक्त सिर और छाती वाला हिस्सा थोड़ा ऊंचा रखकर सोने की बात कही गई है, ताकि पित्त की तकलीफ न बढ़े।
एक अहम बात यह भी बताई गई है कि गले या खाने की नली में कुछ अटके होने का एहसास सिर्फ खाना अटकने की स्थिति नहीं है, यह शरीर की किसी गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं। खाना निगलते वक्त तकलीफ होना, बार-बार उल्टी आना, मल या उल्टी में खून पड़ना जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और वक्त रहते इलाज कराना चाहिए। ये लक्षण खाने की नली में सूजन, रुकावट या दूसरी गंभीर बीमारियां होने पर दिखाई देते हैं।
गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिसीज होने पर अस्थायी इलाज करना शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स जैसी एसिड घटाने वाली दवाएं एसिडिटी पर बहुत असरदार बताई गई हैं, लेकिन इन दवाओं को डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए। बार-बार गले में खट्टा पानी आने या पित्त की तकलीफ होने पर मेडिकल स्टोर की कोई भी गोली नहीं खानी चाहिए।
आखिर में साफ किया गया है कि यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी भी तरह के इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।